safeeraan-e-mohabbat pyaar ki raahon men palte hain | सफ़ीरान-ए-मोहब्बत प्यार की राहों में पलते हैं

  - Ushba Tabeer
सफ़ीरान-ए-मोहब्बतप्यारकीराहोंमेंपलतेहैं
सभीऐश-ओ-तरबमेरेतिरीबाहोंमेंपलतेहैं
शिकस्ता-दिलकामैंअपनेकभीक़िस्साछेड़ूँगी
सितमतोइश्क़वालोंकीपनह-गाहोंमेंपलतेहैं
मुबारकशहरवालोंकोमुज़य्यनशहरकीरौनक़
हमाराक्याक़लंदरहैंगुज़रगाहोंमेंपलतेहैं
अमीर-ए-शहरमतउलझोमोहब्बतकेफ़क़ीरोंसे
येबंदेरबकीरहमतकीसदाछाँवमेंपलतेहैं
अभीतकखुलनहींपायाइरादायारकाक्याहै
मगरहमकहनहींसकतेकिहमछाँवमेंपलतेहैं
ज़मानासाथकबदेताहैरंज-ओ-ग़मकेमौसममें
दिल-ए-मुज़्तरकेसबअरमानबसआहोंमेंपलतेहैं
ख़ुशीकाराज़दौलतमेंनिहाँहोतानहीं'उश्बा'
गुल-ए-शादाबख़ारोंकीपनह-गाहोंमेंपलतेहैं
  - Ushba Tabeer
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy