ek aashna akshar paas se guzarta hai | एक आश्ना अक्सर पास से गुज़रता है

  - Usha Bhadoriya
एकआश्नाअक्सरपाससेगुज़रताहै
मुझपेमेरीसच्चाईआश्कारकरताहै
किसक़दरहटेलाहैतेराबे-ज़बाँसाया
जिस्मकीतरहअक्सररूहमेंउतरताहै
आपकिसलिएमुझकोदेखतेहैंहैरतसे
आदमीमोहब्बतमेंकुछभीकरगुज़रताहै
क्याख़बरयेबस्तीहीआँधियोंमेंउड़जाए
इकपरिंदापरअपनेखोलनेसेडरताहै
तेरेनामकेसाएरखकेअपनेहोंटोंपर
सिर्फ़मैंबिखरतीहूँतूकहाँबिखरताहै
इकक़रीबकारिश्ताफेरताहैजबनज़रें
आदमीनहींमरताए'तिबारमरताहै
बे-ज़बाँलकीरेंहैंना-मुरादख़ाकेहैं
देखनाहैअबइनमेंकौनरंगभरताहै
ख़ौफ़क़ुर्बतोंकाभीख़ौफ़फ़ासलोंकाभी
ज़िंदगीकाहरलम्हाडूबताउभरताहै
जबतुम्हारेबारेमेंसोचतीहूँमैं'ऊषा'
आसमानसेदिलमेंनूरसाउतरताहै
  - Usha Bhadoriya
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