akshar tanhaaii se mil kar roye hain | अक्सर तन्हाई से मिल कर रोए हैं

  - Usha Bhadoriya
अक्सरतन्हाईसेमिलकररोएहैं
हमनेअपनेअश्कआगसेधोएहैं
बहुतनिभाईलेन-देनकीरस्मेंभी
कुछआँसूपाएहैंकुछग़मखोएहैं
जबभीबारिशनेमिट्टीसेमुँहमोड़ा
जलतेसूरजनेज़र्रातभिगोएहैं
ख़बरजहाँमिलतीहैअपनेहोनेकी
हमउसमंज़िलपरभीखोएखोएहैं
जबख़ुदकोपानाहीमुश्किलकामहुआ
क्यूँँकच्चेधागेमेंफूलपिरोएहैं
बाल-ओ-परपातेहीउड़ेहवाओंमें
हमनेजोनज़दीककेरिश्तेढोएहैं
तुमकोक्यामालूममिरीतन्हाईने
लफ़्ज़ोंमेंअपनेजज़्बातसमोएहैं
हमक्याजानेंख़्वाबोंकीनर्मीक्याहै
हमकबख़ुश्बूकीबाँहोंमेंसोएहैं
बहालेजाएउनकोबारिश'ऊषा'
चट्टानोंपरख़्वाबवफ़ाकेबोएहैं
  - Usha Bhadoriya
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