vo aankh de qareeb ka saaya dikhaai de | वो आँख दे क़रीब का साया दिखाई दे

  - Usha Bhadoriya
वोआँखदेक़रीबकासायादिखाईदे
आवाज़रौशनीकीकहींतोसुनाईदे
जिसनामकोजियाहैबड़ेए'तिमादसे
उसकोभीज़िंदगीसेकभीआशनाईदे
ऐसाहुआतोजीनेदेंगेकिसीकोलोग
इंसाँकेहाथमेंमिरेरबख़ुदाईदे
मैंजानतीहूँपाँवरखेहैंमिरेकहाँ
ख़ुदसेकरूँँसवालकोईजबबड़ाईदे
कबतकमैंलम्हालम्हाजि
यूँँख़ुदकोभूलकर
इसउम्र-क़ैदसेमिरेदिलकोरिहाईदे
पत्थरसमझकेजिसनेकियादिलकोबे-असास
उसकोभीआँसुओंकीनमीतकरसाईदे
ऐसाहोकिथककेयक़ींचूरचूरहो
इतनीतवीलअबदिलोंकोजुदाईदे
तारीकियोंकोरखकेकहींखंडरातमें
जोलोगपारसाहैंउन्हेंपारसाईदे
'ऊषा'जोहाथरखतेनहींमिरेअक्सपर
इनआइनोंकोकुछतोग़म-ए-ख़ुद-नुमाईदे
  - Usha Bhadoriya
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