andheri shab men charaagh-e-rah-e-wafa dena | अँधेरी शब में चराग़-ए-रह-ए-वफ़ा देना

  - Usha Bhadoriya
अँधेरीशबमेंचराग़-ए-रह-ए-वफ़ादेना
तअ'ल्लुक़ातकोनज़दीकसेसदादेना
जहाँखड़ीहूँवहाँसेपलटनहींसकती
अभीमुझकोमोहब्बतकावास्तादेना
मैंबेबसीकासलीक़ानिभाऊँगीकबतक
बढ़ेजोप्यासचराग़-ए-सदाबुझादेना
बुझेबुझेसभीमंज़रहैंआशनाईके
मिरेलबोंकोकोईहर्फ़-ए-मुद्दआ'देना
उमीदहाथसेदामनअगरछुड़ानेलगे
तोफिरमुझेभीमिरेशहरकापतादेना
भटकजाऊँकहींग़मकीरहगुज़ारोंमें
निगाह-ओ-दिलकोउजालोंकारास्तादेना
रफ़ाक़तोंकोजोतन्हाइयाँसतानेलगें
उदासियोंकोकोईरंग-ए-आश्नादेना
अगरतुम्हेंभीकोईइख़्तियारमिलजाए
तोफिरतड़पतेदिलोंकोकहींमिलादेना
लिखेहैंअश्कोंसेलम्हात-ए-ज़िंदगी'ऊषा'
उन्हेंकिताब-ए-मोहब्बतमेंतुमसजादेना
  - Usha Bhadoriya
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