go door ho chuka hooñ yaaraan-e-anjuman se | गो दूर हो चुका हूँ यारान-ए-अंजुमन से

  - Urooj Zaidi Badayuni
गोदूरहोचुकाहूँयारान-ए-अंजुमनसे
लेकिनमफ़रनहींहैएहसासकीचुभनसे
हुस्न-ए-नज़रकाजादूसरचढ़केबोलताहै
अस्नाम-ए-मर्मरींभीलगतेहैंसीम-तनसे
ग़ुंचाहीफूलबनकरजान-ए-चमनहुआहै
मैंनेयक़ींकीदौलतपाईहैहुस्न-ए-ज़नसे
आजउनकेरास्तोंमेंकाँटेबिछेहुएहैं
कलतकजोखेलतेथेरंगीनी-ए-चमनसे
जैसेचमनसेनिकहतजैसेसदफ़सेमोती
ऐसेजुदाहुआहूँमैंजन्नत-ए-वतनसे
मैंराज़-ए-रंग-ओ-बूसेना-आश्नानहींहूँ
मुझकोगिलाभीकबहैफूलोंकीअंजुमनसे
मेरीग़ज़ल'उरूज'इकतस्वीर-ए-अस्र-ए-नौहै
मैंनेउसेसँवारातहज़ीब-ए-फ़िक्र-ओ-फ़नसे
  - Urooj Zaidi Badayuni
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