rafta rafta dil-e-be-taab thehar jaayega | रफ़्ता रफ़्ता दिल-ए-बे-ताब ठहर जाएगा

  - Urooj Zaidi Badayuni
रफ़्तारफ़्तादिल-ए-बे-ताबठहरजाएगा
रफ़्तारफ़्तातिरीनज़रोंकाअसरजाएगा
दादबे-दादकीइसमेंकोईतख़सीसनहीं
नक़्श-ए-हस्तीमेंकोईरंगतोभरजाएगा
आपअगरमाइल-ए-तज्दीद-ए-सितमहोजाएँ
रंग-ए-तालीम-ए-वफ़ाऔरनिखरजाएगा
अर्ज़-ए-तिश्नापेबरसअब्र-ए-रवाँखुलकेबरस
बातरहजाएगीयेवक़्तगुज़रजाएगा
धूपऔरछाँवमुसल्लममगरअपनीहदमें
वक़्तपाबंदनहींहैकिठहरजाएगा
रौशनीमेंहैचराग़ोंकेतलेतारीकी
हमसमझतेथेकिमाहौलसँवरजाएगा
इश्क़तोअपनीजगहकैफ़-ए-मुसलसलहै'उरूज'
नश्शा-ए-बादानहींहैजोउतरजाएगा
  - Urooj Zaidi Badayuni
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