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Umesh Maurya
adaalat ke sabhi nirnay sahi hona zaroori hain
adaalat ke sabhi nirnay sahi hona zaroori hain | अदालत के सभी निर्णय सही होना ज़रूरी हैं
- Umesh Maurya
अदालत
के
सभी
निर्णय
सही
होना
ज़रूरी
हैं
मुकर्रर
हो
सज़ा
कोई
ग़लत
निर्णय
सुनाने
की
- Umesh Maurya
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जुर्म
में
हम
कमी
करें
भी
तो
क्यूँँ
तुम
सज़ा
भी
तो
कम
नहीं
करते
Jaun Elia
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सज़ा
सच
बोलने
की
यह
मिली
है
सभी
ने
कर
लिया
हम
से
किनारा
Meem Alif Shaz
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बिछड़ने
का
इरादा
है
तो
मुझ
से
मशवरा
कर
लो
मोहब्बत
में
कोई
भी
फ़ैसला
ज़ाती
नहीं
होता
Afzal Khan
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मुझ
से
क्या
हो
सका
वफ़ा
के
सिवा
मुझ
को
मिलता
भी
क्या
सज़ा
के
सिवा
Hafeez Jalandhari
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वक़्त
पर
फ़ैसला
नहीं
करते,
और
फिर
'काश!..काश!'
करते
हो।
Tanoj Dadhich
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अब
के
हम
तर्क-ए-रसूमात
करके
देखते
हैं
बीच
वालों
के
बिना
बात
करके
देखते
हैं
इस
सेे
पहले
कि
कोई
फ़ैसला
तलवार
करे
आख़िरी
बार
मुलाक़ात
करके
देखते
हैं
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Abrar Kashif
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मैं
मारा
जाऊँगा
पहले
किसी
फ़साने
में
फिर
इस
के
ब'अद
हक़ीक़त
में
मारा
जाऊँगा
मैं
चुप
रहा
तो
मुझे
मार
देगा
मेरा
ज़मीर
गवाही
दी
तो
अदालत
में
मारा
जाऊँगा
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Rana Saeed Doshi
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मुन्सिफ़
हो
अगर
तुम
तो
कब
इंसाफ़
करोगे
मुजरिम
हैं
अगर
हम
तो
सज़ा
क्यूँँ
नहीं
देते
Ahmad Faraz
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मेरा
क़ातिल
ही
मेरा
मुंसिफ़
है
क्या
मिरे
हक़
में
फ़ैसला
देगा
Sudarshan Fakir
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तुम्हारे
ख़त
को
जलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
ये
दिल
बाहर
निकलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
तुम्हारा
फ़ैसला
है
पास
रुकना
या
नहीं
रुकना
मेरी
क़िस्मत
बदलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
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Tanoj Dadhich
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कुछ
तो
अपनी
नासमझी
थी
कुछ
उसकी
धीरे
धीरे
इक
दूजे
से
दूर
हुए
रस्म
रिवाज़ो
ने
कतरे
हैं
पंख
कई
सब
तो
रिश्तों
के
आगे
मजबूर
हुए
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Umesh Maurya
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कौन
मिलना
चाहता
है
मुफ़लिसों
से
कौन
बे
मतलब
के
ये
जोख़िम
उठाए
Umesh Maurya
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उम्र
यूँँ
ही
गँवाई
किया
कुछ
नहीं
आप
की
याद
आई
किया
कुछ
नहीं
Umesh Maurya
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किराए
के
घर
में
गई
ज़िन्दगी
कहाँ
ज़िन्दगी
में
रही
ज़िन्दगी
Umesh Maurya
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वहीं
झूठ
जीता
वहीं
इश्क़
हारा
जहाँ
थी
ज़रूरत
या
मजबूरियाँ
थी
Umesh Maurya
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