har ik hazaar men bas paanch saath hain ham log | हर इक हज़ार में बस पाँच सात हैं हम लोग

  - Umair Najmi
हरइकहज़ारमेंबसपाँचसातहैंहमलोग
निसाब-ए-इश्क़पेवाजिबज़कातहैंहमलोग
दबाओमेंभीजमाअतकभीनहींबदली
शुरूअ'दिनसेमोहब्बतकेसाथहैंहमलोग
जोसीखनीहोज़बान-ए-सुकूतबिस्मिल्लाह
ख़मोशियोंकीमुकम्मललुग़ातहैंहमलोग
कहानियोंकेवोकिरदारजोलिखेगए
ख़बरसेहज़्फ़-शुदावाक़िआ'तहैंहमलोग
येइंतिज़ारहमेंदेखकरबनायागया
ज़ुहूर-ए-हिज्रसेपहलेकीबातहैंहमलोग
किसीकोरास्तादेदेंकिसीकोपानीदें
कहींपेनीलकहींपरफ़ुरातहैंहमलोग
हमेंजलाकेकोईशबगुज़ारसकताहै
सड़कपेबिखरेहुएकाग़ज़ातहैंहमलोग
  - Umair Najmi
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