jo zabaan dete hain phir us se mukar jaate hain | जो ज़बाँ देते हैं फिर उस से मुकर जाते हैं

  - Haider Khan
जोज़बाँदेतेहैंफिरउससेमुकरजातेहैं
लाख़अच्छेहोंनिग़ाहोंसेउतरजातेहैं
हालजबहमकोपताकरनाहोतेराजानाँ
हमसबाबनकेतिरेदरसेगुज़रजातेहैं
जबकभीलबपेसजाकरकेतबस्सुमवोचलें
आइनेहोकेहयादारबिखरजातेहैं
येतिलिस्मीहैकिवोफूलनहींहैंफिरभी
हमसेकाँटोंकीरिफ़ाक़तमेंसँवरजातेहैं
बज़्म-ए-जानाँमेंमिरानामपुकारेंजबवो
कितनेचेहरोंकेयहाँरंगउतरजातेहैं
जबकभीकूचा-ओ-बाज़ारसेउनकाहोगुज़र
दिलकोथा
मेंहुएसबलोगठहरजातेहैं
ग़मकेपैमानेयूँँतोख़ालीहीरहतेहैंमगर
गाहे-गाहेयेतिरीयादोंसेभरजातेहैं
रोज़सोचूँकितुझेअबसितमगरमैंकहूँ
फिरतिरेमुझकोदिएज़ख़्मउभरजातेहैं
क़ैस-ओ-फ़रहादथेइकइश्क़पेमरतेथेजो
लोगअबइश्क़बदलतेहुएमरजातेहैं
इसक़दरहमकोहैतन्हाईकीआदत"हैदर"
अपनाहीसायाअगरदेखलें,डरजातेहैं
  - Haider Khan
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