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Wajid Husain Sahil
kabhi chal kar ruke honge kabhi ruk kar chale honge
kabhi chal kar ruke honge kabhi ruk kar chale honge | कभी चल कर रुके होंगे, कभी रुक कर चले होंगे
- Wajid Husain Sahil
कभी
चल
कर
रुके
होंगे,
कभी
रुक
कर
चले
होंगे
अदा-ए-ख़ुश-ख़िरामी
में
वो
जाने
कब
ढले
होंगे
सियाही
बे-सबब
आँखों
के
साहिल
पर
नहीं
आती
यक़ीनन
चश्मे-आतिश
में
कई
'आशिक़
जले
होंगे
- Wajid Husain Sahil
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चढ़ते
हुवे
ए
शम्स
दिखा
ताव
भी
मगर
ये
जान
ले
कि
शाम
ढले
डूब
जाएगा
Afzal Ali Afzal
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रहते
थे
कभी
जिन
के
दिल
में
हम
जान
से
भी
प्यारों
की
तरह
बैठे
हैं
उन्हीं
के
कूचे
में
हम
आज
गुनहगारों
की
तरह
Majrooh Sultanpuri
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तुम्हें
हुस्न
पर
दस्तरस
है
मोहब्बत
वोहब्बत
बड़ा
जानते
हो
तो
फिर
ये
बताओ
कि
तुम
उस
की
आँखों
के
बारे
में
क्या
जानते
हो
ये
जुग़राफ़िया
फ़ल्सफ़ा
साईकॉलोजी
साइंस
रियाज़ी
वग़ैरा
ये
सब
जानना
भी
अहम
है
मगर
उस
के
घर
का
पता
जानते
हो
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Tehzeeb Hafi
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पहले
लगा
था
हिज्र
में
जाएँगे
जान
से
पर
जी
रहे
हैं
और
भी
हम
इत्मीनान
से
Ankit Maurya
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मेरी
ही
जान
के
दुश्मन
हैं
नसीहत
वाले
मुझ
को
समझाते
हैं
उन
को
नहीं
समझाते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
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मैंने
अपनी
ग़ज़लें
खारिज
कर
डाली
सोचो
मेरी
जान
तुम्हारा
क्या
होगा
Talib Toofani
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'हर्ष'
वस्ल
में
जितनी
मर्ज़ी
शे'र
कह
लो
तुम
हिज्र
के
बिना
इन
में
जान
आ
नहीं
सकती
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Harsh saxena
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इक
ये
भी
तो
अंदाज़-ए-इलाज-ए-ग़म-ए-जाँ
है
ऐ
चारागरो
दर्द
बढ़ा
क्यूँँ
नहीं
देते
Ahmad Faraz
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सुनो
हर-वक़्त
इतना
याद
भी
मत
कीजिए
हमको
कहीं
ऐसा
न
हो
की
हिचकियों
में
जाँ
निकल
जाए
Sandeep dabral 'sendy'
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चुरायगा
उसी
से
आँख
क़ातिल
ज़रा
सी
जान
जिस
बिस्मिल
में
होगी
Dagh Dehlvi
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वक़्त
ए
रुख़्सत
नज़र
चुरा
ली
थी
तेरी
हिम्मत
की
दाद
देता
हूँ
Wajid Husain Sahil
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हज़ारों
ख़्वाब
गँवाने
के
बाद
आई
है
सुकूँ
की
नींद
ज़माने
के
बाद
आई
है
वो
एक
चीज़
जिसे
अक़्ल
बोलते
हैं
सभी
मुझे
वो
ठोकरें
खाने
के
बाद
आई
है
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Wajid Husain Sahil
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फिर
नया
ख़्वाब
बुन
रही
हो
ना
राह
दुश्वार
चुन
रही
हो
ना
मैं
यहाँ
तुम
से
ही
मुख़ातिब
हूँ
मेरी
आवाज़
सुन
रही
हो
ना
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Wajid Husain Sahil
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जो
ज़ख़्म
दर्द
की
तावील
बन
के
आया
था
वो
गोया
सब्र
की
तकमील
बन
के
आया
था
था
अज़्म
तो
मेरा
असहाबे-फी़ल
सा
लेकिन
मेरा
नसीब
अबाबील
बन
के
आया
था
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Wajid Husain Sahil
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आँखें
मिला,
नज़र
न
फिरा,
देख
तो
सही
यूँँॅं
दिल
पे
बिजलियाँ
न
गिरा
देख
तो
सही
Wajid Husain Sahil
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