ashq zaayaa' ho rahe the dekh kar rota na tha | अश्क़ ज़ाया' हो रहे थे, देख कर रोता न था

  - Tehzeeb Hafi
अश्क़ज़ाया'होरहेथे,देखकररोताथा
जिसजगहबनताथारोना,मैंवहारोताथा
सिर्फ़तेरीचुपनेमेरेगालगीलेकरदिए
मैंतोवोहूँ,जोकिसीकीमौतपररोताथा
मुझपरकितनेएहसानहैगुज़रे,परउनआँखोंकोक्या
मेरादुखयेहै,केमेराहमसेफ़ररोताथा
मैंनेउसकेवस्लमेंभीहिज्रकटाहैकहीं,
वोमेरेकंधेपेरखलेताथासर,रोताथा
प्यारतोपहलेभीउससेेथा,मगरइतनानहीं
तबमेंउसकोछूतोलेताथा,मगररोताथा
गिरियोज़ारीकोभीएकखासमौसमचाहिए,
मेरीआँखेंदेखलो,मैंवक़्तपररोताथा
  - Tehzeeb Hafi
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