hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Tehzeeb Hafi
aankh ki khidkiyaan khulii hongi
aankh ki khidkiyaan khulii hongi | आँख की खिड़कियाँ खुली होंगी
- Tehzeeb Hafi
आँख
की
खिड़कियाँ
खुली
होंगी
दिल
में
जब
चोरीयाँ
हुई
होंगी
या
कहीं
आइने
गिरे
होंगे
या
कहीं
लड़कियाँ
हँसी
होंगी
या
कहीं
दिन
निकल
रहा
होगा
या
कहीं
बस्तियाँ
जली
होंगी
या
कहीं
हाथ
हथकड़ी
में
क़ैद
या
कहीं
चूड़ियाँ
पड़ी
होंगी
या
कहीं
ख़ामुशी
की
तक़रीबात
या
कहीं
घंटियाँ
बजी
होंगी
लौट
आएँगे
शहरस
भाई
हाथ
में
राखियाँ
बँधी
होंगी
उन
दिनों
कोई
मर
गया
होगा
जिन
दिनों
शादियाँ
हुई
होंगी
- Tehzeeb Hafi
Download Ghazal Image
लाई
न
ऐसों-वैसों
को
ख़ातिर
में
आज
तक
ऊँची
है
किस
क़दर
तिरी
नीची
निगाह
भी
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
22 Likes
नज़ारे
आँख
में
चुभने
लगे
हैं
यहाँ
हम
साथ
आते
थे
तुम्हारे
Nitesh Kushwah
Send
Download Image
47 Likes
जब
भी
माँगूँ
तेरी
ख़ुशी
माँगूँ
और
दुआएँ
ख़ुदा
तलक
जाएँ
ख़्वाब
आएँ
तो
नींद
यूँँ
महके
आँख
से
ख़ुशबुएँ
छलक
जाएँ
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
29 Likes
मुद्दत
के
बाद
उस
ने
जो
की
लुत्फ़
की
निगाह
जी
ख़ुश
तो
हो
गया
मगर
आँसू
निकल
पड़े
Kaifi Azmi
Send
Download Image
27 Likes
तू
अपने
सारे
दुख
जाकर
बताता
है
जिन्हें,
इक
दिन
बढ़ाएँगे
वही
ग़म-ख़्वार
तेरी
आँख
का
पानी
Siddharth Saaz
Send
Download Image
34 Likes
नज़र
में
रखना
कहीं
कोई
ग़म
शनास
गाहक
मुझे
सुख़न
बेचना
है
ख़र्चा
निकालना
है
Umair Najmi
Send
Download Image
43 Likes
वफ़ा
नज़र
नहीं
आती
कहीं
ज़माने
में
वफ़ा
का
ज़िक्र
किताबों
में
देख
लेते
हैं
Hafeez Banarasi
Send
Download Image
40 Likes
भीगीं
पलकें
देख
कर
तू
क्यूँँ
रुका
है
ख़ुश
हूँ
मैं
वो
तो
मेरी
आँख
में
कुछ
आ
गया
है
ख़ुश
हूँ
मैं
वो
किसी
के
साथ
ख़ुश
था
कितने
दुख
की
बात
थी
अब
मेरे
पहलू
में
आ
कर
रो
रहा
है
ख़ुश
हूँ
मैं
Read Full
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
106 Likes
मुझे
तो
उसका
भीतरी
ग़ुबार
है
निकालना
सो
आँख
चूमता
हूँ
उसके
होंठ
चूमता
नहीं
Siddharth Saaz
Send
Download Image
29 Likes
पुतलियाँ
तक
भी
तो
फिर
जाती
हैं
देखो
दम-ए-नज़अ
वक़्त
पड़ता
है
तो
सब
आँख
चुरा
जाते
हैं
Ameer Minai
Send
Download Image
22 Likes
Read More
तेरे
लगाए
हुए
ज़ख़्म
क्यूँँ
नहीं
भरते
मेरे
लगाए
हुए
पेड़
सूख
जाते
हैं
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
199 Likes
नहीं
था
अपना
मगर
फिर
भी
अपना
अपना
लगा
किसी
से
मिल
के
बहुत
देर
बाद
अच्छा
लगा
तुम्हें
लगा
था
मैं
मर
जाऊँगा
तुम्हारे
बग़ैर
बताओ
फिर
तुम्हें
मेरा
मज़ाक़
कैसा
लगा
तिजोरियों
पे
नज़र
और
लोग
रखते
हैं
मैं
आसमान
चुरा
लूँगा
जब
भी
मौक़ा
लगा
दिखाती
है
भरी
अलमारियाँ
बड़े
दिल
से
बताती
है
कि
मोहब्बत
में
किसका
कितना
लगा
Read Full
Tehzeeb Hafi
Download Image
92 Likes
चेहरा
देखें
तेरे
होंट
और
पलकें
देखें
दिल
पे
आँखें
रक्खें
तेरी
साँसें
देखें
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
69 Likes
ज़िन्दगी
भर
फूल
ही
भिजवाओगे
या
किसी
दिन
ख़ुद
भी
मिलने
आओगे
पैहरेदारों
से
बचूंगा
कब
तलक
दोस्त
तुम
एक
दिन
मुझे
मरवाओगे
ख़ुद
को
आईने
में
कम
देखा
करो
एक
दिन
सूरज-मुखी
बन
जाओगे
Read Full
Tehzeeb Hafi
Download Image
88 Likes
तुझको
बतलाता
मगर
शर्म
बहुत
आती
है
तेरी
तस्वीर
से
जो
काम
लिया
जाता
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
189 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Kismat Shayari
Raushni Shayari
Zakhm Shayari
Bekhayali Shayari
Good night Shayari