jee men aata hai ki chal kar junglon men ja rahen | जी में आता है कि चल कर जंगलों में जा रहें

  - Taj Saeed
जीमेंआताहैकिचलकरजंगलोंमेंजारहें
नित-नएमौसमकेभीहमराहवाबस्तारहें
आतीजातीरुतकोदेखेंअपनेचश्मगोशसे
मौसमोंकेवारसहकरभीयूँँहीज़िंदारहें
फूलफलपौदेपरिंदेहमदमदम-साज़हों
इनमेंबस्तेहीभलेलेकिनयूँँतन्हारहें
शहरकेदीवार-ओ-दरहरइकसेहैंना-आश्ना
शहरमेंरहतेहुएक्यूँँकरबेगानारहें
बे-मुरव्वतहैज़मानाउसकाशिकवाक्यूँँकरें
अपनेअंदरकेमकींकाबनकेहम-सायारहें
जिस्मकेअंदरग़मोंकीआँधियाँचलतीरहें
ज़ाहिरीसूरतमेंसबचेहरेतर-ओ-ताज़ारहें
देखतेहीजिसकोसबमहरूमियाँकाफ़ूरहों
दिलमेंतूफ़ाँसेउठेंचेहरेमगरसादारहें
मसअलायेभीतोहैइसअहदकाजान-ए-जाँ
क्यूँँनिछावरजाँकरेंकिसकेलिएज़िंदारहें
उड़तेलम्होंकोअगरक़ाबूमेंकरनाहै'सईद'
भागनेकोहरघड़ीहरवक़्तआमादारहें
  - Taj Saeed
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