khidki men ek naar jo mehv-e-khyaal hai | खिड़की में एक नार जो महव-ए-ख़याल है

  - Taj Saeed
खिड़कीमेंएकनारजोमहव-ए-ख़यालहै
शायदकिसीकेप्यारकोपानेकीचालहै
कमरेकीचीज़चीज़पेहैहसरतोंकीगर्द
आँगनमेंउजलीधूपकाफैलाजमालहै
अल्फ़ाज़केगुहरतिरीख़ातिरपिरोलिए
येभीतोतेरेहुस्न-ए-तलबकाकमालहै
इज़हार-ए-इश्क़करताहैअबराहचलतेभी
इसअहदकाजवाँबड़ारौशन-ख़यालहै
बरसोंकेयारकबकेजुदाहोगए'सईद'
इसशहरमेंज़रूरमुरव्वतकाकालहै
  - Taj Saeed
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