sitam-zareefi ki soorat nikal hi aati hai | सितम-ज़रीफ़ी की सूरत निकल ही आती है

  - Tafzeel Ahmad
सितम-ज़रीफ़ीकीसूरतनिकलहीआतीहै
रक़ीबकीभीज़रूरतनिकलहीआतीहै
क़दमरखेंतोकहाँआब-ओ-रेग-ओ-ख़ाकपेहम
सभीजगहकोईतुर्बतनिकलहीआतीहै
हिसाब-ए-क़ुर्ब-ओ-कशिशकरकेक्यूँँहोंशर्मिंदा
मिरेलहूकीतोक़ीमतनिकलहीआतीहै
हैपुल-सिरातकीहीबू-निसाईराह-ए-जहाँ
यहाँभीहश्रकीहालतनिकलहीआतीहै
बड़ेज़मानेसेहूँदुश्मनोंकीआँखोंमें
किसीमेंचश्म-ए-मुरव्वतनिकलहीआतीहै
मैंमिर्कज़ाहूँमगरमिर्कज़ाभँवरकाहूँ
किसीभीमौजसेक़ुर्बतनिकलहीआतीहै
येशाइ'रीहैपड़ोसीकेपत्थरोंकेसबब
तराशताहूँतोजिद्दतनिकलहीआतीहै
  - Tafzeel Ahmad
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