nahin tum maante miraa kaha jee | नहीं तुम मानते मेरा कहा जी

  - Taban Abdul Hai
नहींतुममानतेमेराकहाजी
कभीतोहमभीसमझेंगेभलाजी
अचम्भाहैमुझेबुलबुलकिगुलबिन
क़फ़समेंकिसतरहतेरालगाजी
तुम्हारेख़तकेआनेकीख़बरसुन
मियाँसाहबनिपटमेराकुढ़ाजी
ज़कात-ए-हुस्नदेमैंबे-नवाहूँ
यहीहैतुमसेअबमेरीसदाजी
किसीकेजीकेतईंलेताहैदुश्मन
मिरातोलेगयाहैआश्नाजी
थकामैंसैरकरसारेजहाँकी
मिराअबसबतरफ़सेमरगयाजी
जलायाकेफिर'ताबाँ'कोतूने
हमारीजानअबतूभीसदाजी
  - Taban Abdul Hai
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