ek hi jaam ko pila saaqi | एक ही जाम को पिला साक़ी

  - Taban Abdul Hai
एकहीजामकोपिलासाक़ी
अद्लऔरहोशलेगयासाक़ी
अब्रहैमुझकोमयपिलासाक़ी
इसहवामेंजीकुढ़ासाक़ी
लब-ए-दरियापेचाँदनीदेखूँ
होअगरमुझसेआश्नासाक़ी
सुब्हआयाशराबमेंमख़मूर
नींदसेउठकेमुसमुसासाक़ी
सबकेतईंतूनेमयपिलाईहै
मैंतरसताहीरहगयासाक़ी
क़हरहैमयअगरदेइसवक़्त
झूमआईहैक्याघटासाक़ी
क्यामज़ेसेकरूँँचमनकीसैर
गरचेहोअब्रऔरमिरासाक़ी
दर्द-ए-सरहैख़ुमारसेमुझको
जल्दलेकरशराबसाक़ी
गरतू'ताबाँ'कोमयपिलावेगा
तिराएहसाँहोगाक्यासाक़ी
  - Taban Abdul Hai
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