ai mard-e-khuda ho tu parastaar butaan ka | ऐ मर्द-ए-ख़ुदा हो तू परस्तार बुताँ का

  - Taban Abdul Hai
मर्द-ए-ख़ुदाहोतूपरस्तारबुताँका
मज़हबमेंमिरेकुफ़्रहैइंकारबुताँका
लगतीवोतजल्लीशरर-ए-संगकेमानिंद
मूसीतूअगरदेखतादीदारबुताँका
गर्दनमेंमिरेतौक़हैज़ुन्नारकेमानिंद
हूँइश्क़मेंअज़-बस-किगुनहगारबुताँका
दोनोंकीटुकइकसैरकरइंसाफ़सेशैख़
काबेसेतिरेगर्महैबाज़ारबुताँका
दूँसारीख़ुदाईकोएवज़उनकेमैं'ताबाँ'
कोईमुझसाबतादेतूख़रीदारबुताँका
  - Taban Abdul Hai
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