kisi gul men nahin paane ki tu boo-e-wafa hargiz | किसी गुल में नहीं पाने की तू बू-ए-वफ़ा हरगिज़

  - Taban Abdul Hai
किसीगुलमेंनहींपानेकीतूबू-ए-वफ़ाहरगिज़
अबसअपनादिलबुलबुलचमनमेंमतलगाहरगिज़
तबीबोंसेइलाज-ए-इश्क़होताहैनिपटमुश्किल
हमारेदर्दकीउनसेनहींहोनेकीदवाहरगिज़
तजाघरएकऔरसारेबयाबाँकाहुआवारिस
कोईमजनूँसाअय्याराहोगादूसराहरगिज़
बहारआईहैक्यूँँकरअंदलीबेंबाग़मेंजावें
क़फ़सकेदरकेतईंकरतानहींसय्यादवाहरगिज़
थे'आशिक़किसीबे-दादपरहमजबतलक'ताबाँ'
हमारेदिलकेतईंकुछदर्द-ओ-ग़मतबतकथाहरगिज़
  - Taban Abdul Hai
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