kuchh bhi nahin hone ki uljhan kuchh bhi nahin hai tum to ho | कुछ भी नहीं होने की उलझन कुछ भी नहीं है तुम तो हो

  - Swapnil Tiwari
कुछभीनहींहोनेकीउलझनकुछभीनहींहैतुमतोहो
मेरेदिलदश्तकीजोगनकुछभीनहींहैतुमतोहो
तुमसेएकधनकफूटेगीऔरकमरेमेंबिखरेगी
दीवारोंपेरंगरोग़नकुछभीनहींहैतुमतोहो
इकदर्पनजोठीकमिरेदिलहीकेअंदरखुलताहै
देखरहाहूँमैंवोदर्पनकुछभीनहींहैतुमतोहो
मेरेख़यालोंकीदुनियामेंकुछभीनहींजानाँलेकिन
कमनहींकरनाअपनीबन-ठनकुछभीनहींहैतुमतोहो
  - Swapnil Tiwari
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