hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sristi Singh
KHamoshii choomta hai surkh hothon se
KHamoshii choomta hai surkh hothon se | ख़मोशी चूमता है सुर्ख़ होंठों से
- Sristi Singh
ख़मोशी
चूमता
है
सुर्ख़
होंठों
से
सो
उसके
आने
पे
चुप्पी
सजाई
है
- Sristi Singh
Download Sher Image
देख
हालत
मरीज़
की
अपने
हर्फ़
समझा
अज़ीज़
की
अपने
दे
तवज्जो
मलाल
को
मेरे
कर
वकालत
तमीज़
की
अपने
कर
चुकी
है
ख़याल
बेगाना
क़द्र
कर
अब
तू
चीज़
की
अपने
Read Full
Sristi Singh
Download Image
0 Likes
जब
मुसलसल
दुखों
का
समुंदर
बहे
ग़ैर
को
दुख
बताना
तभी
चाहिए
Sristi Singh
Send
Download Image
0 Likes
याद
आती
है
तेरी
रुस्वाई
मौसमों
की
हसीन
पुरवाई
उन
दिनों
मुझ
में
तुम
फ़क़त
तुम
थे
आज
मुझ
में
है
बस
ये
तन्हाई
Read Full
Sristi Singh
Send
Download Image
0 Likes
मुझको
हर
ख़ौफ़
से
रिहा
कर
दो
या
तो
फिर
शाख़
से
हरा
कर
दो
रोज़
उसकी
ही
याद
आती
है
कुछ
नया
तुम
ही
हादसा
कर
दो
ज़ख़्म
सबके
ख़रीद
लूँगी
मैं
गर
उसे
मेरा
हमनवा
कर
दो
ऐसे
क़ातिल
को
क्या
कहेंगे
हम
जाने
दो
उसको
तुम
रिहा
कर
दो
गाहे
गाहे
मैं
मुस्कुराती
हूँ
मुझको
हर
पल
का
ग़म-ज़दा
कर
दो
Read Full
Sristi Singh
Download Image
1 Like
मैं
कहूँगी
सभी
से
कि
फ़ुरसत
नहीं
दरमियाँ
तुम
नहीं
कोई
उल्फ़त
नहीं
चूमना
माथ
पे
और
लगना
गले
ख़्वाब
है
ये
मगर
मेरी
क़िस्मत
नहीं
ग़ौर
से
देख
लो
पुर
कशिश
ये
जहाँ
आज
की
रात
है
फिर
तो
क़ुर्बत
नहीं
हादसों
से
कहो
ये
बताएँ
वजह
जो
कुचल
कर
गया
है
वो
मूरत
नहीं
Read Full
Sristi Singh
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Broken Shayari
Shehar Shayari
Shajar Shayari
Chaaragar Shayari
Greed Shayari