kaii dariyaa utar kar aa raha hooñ | कई दरिया उतर कर आ रहा हूँ

  - Sohil Barelvi
कईदरियाउतरकररहाहूँ
मगरलगताहैमैंकितनानयाहूँ
किसीकेरोकेसेरुकतानहींहूँ
कभीतोलगताहैमैंहीख़ुदाहूँ
गवाहीदेअगरदिलतोजाना
अभीतकसीटपरबैठाहुआहूँ
तूअपनीबातपूरीकरमैंतबतक
अधूराजामपूराकररहाहूँ
पहुँचकररबतलकमुझतकपहुँची
मैंऐसेना-तवाँदिलकीदु'आहूँ
यहाँमेरेमुताबिक़होरहासब
मैंहीदरियाकिनारानाख़ुदाहूँ
इसीबाइसमुझेहासिलहैमंज़िल
सफ़रमेंदम-ब-दमचलतारहाहूँ
खरोंचेंज़ख़्मबनतीजारहींअब
मैंपहलेसेहीसोहिलअध-जलाहूँ
  - Sohil Barelvi
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