chhod de fikr ab zamaane ki | छोड़ दे फ़िक्र अब ज़माने की

  - Sohil Barelvi
छोड़देफ़िक्रअबज़मानेकी
राहतकताहूँतेरेआनेकी
अबबुरावक़्तगयाहैदोस्त
अबज़रूरतहैमुझकोशानेकी
ठीकसेदेखभीनहींपाया
इतनीजल्दीथीउसकोजानेकी
अबनहींकोईदूसरीदिलमें
एकचाहतथीतुझकोपानेकी
वक़्तकीमारहैबुरीवर्ना
किसकोआदतहैटूटजानेकी
  - Sohil Barelvi
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