mujhe lagta hai ki tum ho | "मुझे लगता है कि तुम हो"

  - Shaikh Sohail
"मुझेलगताहैकितुमहो"
कहींपेचाँदचमके
मुझेलगताहैकितुमहो
कहींपेतारेजबदमके
मुझेलगताहैकितुमहो
कहींबारिशकीघटाहो
कहींगुमसुमसीफ़ज़ाहो
कहींआँखोंकामिलनहो
कहींरुख़सारकीवाहहो
कोईफ़ुर्क़तसेमिलाहो
वोनज़रकैसीहोक्याहो
मुझेलगताहैकितुमहो
मेरेआँगनकेकिनारे
कहींएकफूलजबमहके
मेरीहररातजिसकीयाद
मेंआरज़ूकहके
कहींहोख़ुरसारौशन
कहींवोअक्स-ए-हिनाहो
मुझेलगताहैकितुमहो
तुम्हारेंनामकाहमनाम
कहींकुछदेरठहराहो
तुम्हारीतरहकोईशख़्स
किसीकोनेमेंबैठाहो
कहींआँखोंमेंपानीहो
कहींदरियाभीसूखाहो
कहींफूलोंकेगुलशनमें
कोईचिड़ियासाचहकाहो
किसीगुम-नामसेरस्ते
कोईआवाज़बुलवाएँ
किसीदोशीज़ाकीख़ुशबू
मुलाक़ातमुझसेकरवाएँ
किसीशबमेंकिसीदिनके
त'अल्लुक़मुझसेहोजाए
कहींदिलकशलबोंसे
फिरकोईदोबातसुलझाएँ
कहींआँचलमेंहोपहलू
कहींपैरोंमेंपायलहो
मुझेलगताहैकितुमहो
कहाँयहबाततुमसेेहो
कहाँयहराततुमसेेहो
कहाँसोहेलभीचाहे
किमुलाक़ाततुमसेेहो
कहाँहोसोहेलकीनज़्में
कहाँहैउनकामाह-चेहरा
किजैसेएकतिलबैठा
दिएरुख़सारपरपहरा
करमहो'सोहेल'ख़स्तापर
किमैंहूँअदनासाशायर
मगरजबशे'रसुनकर
कोईमुझपर,दाददेताहो
मुझेलगताहैकितुमहो
  - Shaikh Sohail
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