ye gham to dil ki aadat hai karen kya | ये ग़म तो दिल की आदत है, करें क्या?

  - Shaikh Sohail
येग़मतोदिलकीआदतहै,करेंक्या?
वुफ़ूर-ए-ग़ममेंलत-पतहै,करेंक्या?
रूदाद-ए-ग़मकिसेमिलकरसुनाए?
शरीक-ए-ग़मसेदहशतहै,करेंक्या?
शरीक-ए-रंज-ओ-राहतजोमिलाहै
वोअंदोह-ए-समा'अतहै,करेंक्या?
सोहेल-ए-बे-सुख़न-ना-चीज़-ओ-ख़स्ता
कोग़मरखनेकीआदतहै,करेंक्या?
  - Shaikh Sohail
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