hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Siraj Faisal Khan
hausale the kabhi bulan
hausale the kabhi bulan | हौसले थे कभी बुलंदी पर
- Siraj Faisal Khan
हौसले
थे
कभी
बुलंदी
पर
अब
फ़क़त
बेबसी
बुलंदी
पर
ख़ाक
में
मिल
गई
अना
सब
की
चढ़
गई
थी
बड़ी
बुलंदी
पर
फिर
ज़मीं
पर
बिखर
गई
आ
कर
धूप
कुछ
पल
रही
बुलंदी
पर
खिल
रही
है
तमाम
ख़ुशियों
में
इक
तुम्हारी
कमी
बुलंदी
पर
हम
ज़मीं
से
यही
समझते
थे
है
बहुत
रौशनी
बुलंदी
पर
गिर
गई
हैं
समाज
की
क़द्रें
चढ़
गया
आदमी
बुलंदी
पर
ज़िंदगी
देख
कर
हुई
हैरान
आ
गई
मौत
भी
बुलंदी
पर
मुझ
से
सहरा
पनाह
माँगे
है
देख
वहशत
मेरी
बुलंदी
पर
हम
ज़मीं
पर
गिरे
बुलंदी
से
ख़ाक
उड़
कर
गई
बुलंदी
पर
एक
दिल
पर
कभी
हुकूमत
थी
या'नी
मैं
था
कभी
बुलंदी
पर
खल
रही
है
कुछ
एक
लोगों
को
मेरी
मौजूदगी
बुलंदी
पर
है
ख़ुदा
सामने
मेरे
मौजूद
आ
गई
बंदगी
बुलंदी
पर
खिल
रही
है
तमाम
ख़ुशियों
में
इक
तुम्हारी
कमी
बुलंदी
पर
हम
ज़मीं
से
यही
समझते
थे
है
बहुत
रौशनी
बुलंदी
पर
गिर
गई
हैं
समाज
की
क़द्रें
चढ़
गया
आदमी
बुलंदी
पर
ज़िंदगी
देख
कर
हुई
हैरान
आ
गई
मौत
भी
बुलंदी
पर
मुझ
से
सहरा
पनाह
माँगे
है
देख
वहशत
मेरी
बुलंदी
पर
हम
ज़मीं
पर
गिरे
बुलंदी
से
ख़ाक
उड़
कर
गई
बुलंदी
पर
एक
दिल
पर
कभी
हुकूमत
थी
या'नी
मैं
था
कभी
बुलंदी
पर
खल
रही
है
कुछ
एक
लोगों
को
मेरी
मौजूदगी
बुलंदी
पर
है
ख़ुदा
सामने
मेरे
मौजूद
आ
गई
बंदगी
बुलंदी
पर
- Siraj Faisal Khan
Download Ghazal Image
यहाँ
मौत
का
ख़ौफ़
कुछ
यूँँ
है
सबको
कि
जीने
की
ख़ातिर
मरे
जा
रहे
हैं
Sapna Moolchandani
Send
Download Image
53 Likes
इतने
अफ़सुर्दा
नहीं
हैं
हम
कि
कर
लें
ख़ुद-कुशी
और
न
इतने
ख़ुश
कि
सच
में
मरने
की
ख़्वाहिश
न
हो
Charagh Sharma
Send
Download Image
61 Likes
उदासी
का
सबब
उस
सेे
जो
हम
तब
पूछ
लेते
वजह
फिर
पूछनी
पड़ती
न
शायद
ख़ुद-कुशी
की
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
हादसे
ने
किया
जुदा
हमको
मौत
ने
देर
कर
दी
आने
में
Kaif Uddin Khan
Send
Download Image
13 Likes
जहाँ
तक
भाग
पाओ
मौत
हम
सेे
भाग
लो
लेकिन
हमारा
वा'दा
है
इक
दिन
तुम्हें
अपना
करेंगे
हम
Gautam Raj 'Dheeraj'
Send
Download Image
4 Likes
बद-हवा
सेी
है
बे-ख़याली
है
क्या
ये
हालत
भी
कोई
हालत
है
ज़िंदगी
से
है
जंग
शाम-ओ-सहर
मौत
से
शिकवा
है
शिकायत
है
Read Full
Chandan Sharma
Send
Download Image
2 Likes
मौत
ही
इंसान
की
दुश्मन
नहीं
ज़िंदगी
भी
जान
ले
कर
जाएगी
Arsh Malsiyani
Send
Download Image
30 Likes
आख़री
हिचकी
तेरे
ज़ानूँ
पे
आए
मौत
भी
मैं
शाइराना
चाहता
हूँ
Qateel Shifai
Send
Download Image
35 Likes
हमारी
मौत
पर
बेशक़
ज़माना
आएगा
रोने
मगर
ज़िंदा
हैं
जब
तक
चैन
से
जीने
नहीं
देगा
Astitwa Ankur
Send
Download Image
31 Likes
तुम्हारी
मौत
मेरी
ज़िंदगी
से
बेहतर
है
तुम
एक
बार
मरे
मैं
तो
बार
बार
मरा
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
66 Likes
Read More
तुम
अपने
क़ौल
से
मुकरोगी
तो
नहीं
जानाँ
हमारे
सामने
जब
ख़ानदान
आएँगे
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
32 Likes
इश्क़
मेरी
ज़ुबान
से
निकला
और
मैं
ख़ानदान
से
निकला
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
25 Likes
उस
के
दिल
की
आग
ठंडी
पड़
गई
मुझ
को
शोहरत
मिल
गई
इल्ज़ाम
से
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
21 Likes
ज़मीं
पर
बस
लहू
बिखरा
हमारा
अभी
बिखरा
नहीं
जज़्बा
हमारा
हमें
रंजिश
नहीं
दरिया
से
कोई
सलामत
गर
रहे
सहरा
हमारा
मिला
कर
हाथ
सूरज
की
किरन
से
मुख़ालिफ़
हो
गया
साया
हमारा
रक़ीब
अब
वो
हमारे
हैं
जिन्होंने
नमक
ता-ज़िंदगी
खाया
हमारा
है
जब
तक
साथ
बंजारा-मिज़ाजी
कहाँ
मंज़िल
कहाँ
रस्ता
हमारा
त'अल्लुक़
तर्क
कर
के
हो
गया
है
ये
रिश्ता
और
भी
गहरा
हमारा
बहुत
कोशिश
की
लेकिन
जुड़
न
पाया
तुम्हारे
नाम
में
आधा
हमारा
इधर
सब
हम
को
क़ातिल
कह
रहे
हैं
उधर
ख़तरे
में
था
कुनबा
हमारा
Read Full
Siraj Faisal Khan
Download Image
2 Likes
जब
से
हासिल
हुआ
है
वो
मुझ
को
ख़्वाब
आने
लगे
बिछड़ने
के
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
30 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Khushi Shayari
Dil Shayari
Chai Shayari
Khushboo Shayari
Rose Shayari