hausale the kabhi bulan | हौसले थे कभी बुलंदी पर

  - Siraj Faisal Khan
हौसलेथेकभीबुलंदीपर
अबफ़क़तबेबसीबुलंदीपर
ख़ाकमेंमिलगईअनासबकी
चढ़गईथीबड़ीबुलंदीपर
फिरज़मींपरबिखरगईकर
धूपकुछपलरहीबुलंदीपर
खिलरहीहैतमामख़ुशियोंमें
इकतुम्हारीकमीबुलंदीपर
हमज़मींसेयहीसमझतेथे
हैबहुतरौशनीबुलंदीपर
गिरगईहैंसमाजकीक़द्रें
चढ़गयाआदमीबुलंदीपर
ज़िंदगीदेखकरहुईहैरान
गईमौतभीबुलंदीपर
मुझसेसहरापनाहमाँगेहै
देखवहशतमेरीबुलंदीपर
हमज़मींपरगिरेबुलंदीसे
ख़ाकउड़करगईबुलंदीपर
एकदिलपरकभीहुकूमतथी
या'नीमैंथाकभीबुलंदीपर
खलरहीहैकुछएकलोगोंको
मेरीमौजूदगीबुलंदीपर
हैख़ुदासामनेमेरेमौजूद
गईबंदगीबुलंदीपर
खिलरहीहैतमामख़ुशियोंमें
इकतुम्हारीकमीबुलंदीपर
हमज़मींसेयहीसमझतेथे
हैबहुतरौशनीबुलंदीपर
गिरगईहैंसमाजकीक़द्रें
चढ़गयाआदमीबुलंदीपर
ज़िंदगीदेखकरहुईहैरान
गईमौतभीबुलंदीपर
मुझसेसहरापनाहमाँगेहै
देखवहशतमेरीबुलंदीपर
हमज़मींपरगिरेबुलंदीसे
ख़ाकउड़करगईबुलंदीपर
एकदिलपरकभीहुकूमतथी
या'नीमैंथाकभीबुलंदीपर
खलरहीहैकुछएकलोगोंको
मेरीमौजूदगीबुलंदीपर
हैख़ुदासामनेमेरेमौजूद
गईबंदगीबुलंदीपर
  - Siraj Faisal Khan
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