kaii arse se hai dil men bataa kar dekhta hooñ ab | कई अरसे से है दिल में बता कर देखता हूँ अब

  - Shubham Mishra
कईअरसेसेहैदिलमेंबताकरदेखताहूँअब
कहानीवोमुहब्बतकीसुनाकरदेखताहूँअब
जोउससेेगुफ़्तगूकरलूँमेरेग़मदूरहोजाएँ
कभीउसकोगलेअपनेलगाकरदेखताहूँअब
ज़मानेमेंसुख़नवरहैंकईमारेहुएउसके
मैंग़ज़लोंमेंउसेअपनीसज़ाकरदेखताहूँअब
जहाँकोदेखताहैवोनज़रमेरीवहींकोहो
मैंरिश्ताइसक़दरउससेेबनाकरदेखताहूँअब
उसेप्यारेबहुतहैंयेचमकतेचाँद-ओ-तारे
मैंख़ुदकोजुगनुओंजैसेजलाकरदेखताहूँअब
  - Shubham Mishra
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