phir wafaadaari ko nibh | फिर वफ़ादारी को निभाना क्यूँ

  - Sahir banarasi
फिरवफ़ादारीकोनिभानाक्यूँ
दूरजाकरयेपासआनाक्यूँ
फ़ासलोंकायेहक़अदाकरके
पासआनेकाफिरबहानाक्यूँ
अबशिकायतकरेंभीक्यूँतुमसेे
इतनाभीप्यारकोजतानाक्यूँ
बेहयादोनोंहीयहाँपेहैं
हमसेेनज़रोंकाफिरचुरानाक्यूँ
जामकाहक़अदाकरपाए
ऐसेकोजामअबपिलानाक्यूँ
लगताहैबहरायेख़ुदाहमको
ज़ोरसेफिरउसेबुलानाक्यूँ
साथतन्हाईजबहैतेरेतो
ख़ुदकोफिरतन्हाअबबतानाक्यूँ
ख़ामुशीसेगलेमिलेंहमअब
शोरअबइतनाभीमचानाक्यूँ
रोज़'साहिर'कोयादकरतीहो
फिरसेहमकोहीअबफ़सानाक्यूँ
  - Sahir banarasi
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