kuchh qadam aur mujhe jism ko dhona hai yahaañ | कुछ क़दम और मुझे जिस्म को ढोना है यहाँ

  - Shariq Kaifi
कुछक़दमऔरमुझेजिस्मकोढोनाहैयहाँ
साथलायाहूँउसीकोजिसेखोनाहैयहाँ
भीड़छटजाएगीपलमेंयेख़बरउड़तेही
अबकोईऔरतमाशानहींहोनाहैयहाँ
येभँवरकौनसामोतीमुझेदेसकताहै
बातयेहैकिमुझेख़ुदकोडुबोनाहैयहाँ
क्यामिलादश्तमेंकरतिरेदीवानेको
घरकेजैसाहीअगरजागनासोनाहैयहाँ
कुछभीहोजाएमानूँगामगरजिस्मकीबात
आजमुजरिमतोकिसीऔरकोहोनाहैयहाँ
यूँँभीदरकारहैमुझकोकिसीबीनाईकालम्स
अबकिसीऔरकाहोनामिराहोनाहैयहाँ
अश्कपलकोंपेसजालूँमैंअभीसे'शारिक़'
शबहैबाक़ीतोतिराज़िक्रभीहोनाहैयहाँ
  - Shariq Kaifi
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