वोदिनभीथेकिइनआँखोंमेंइतनीहैरतथी
तमामबाज़ीगरोंकोमिरीज़रूरतथी
वोबातसोचकेमैंजिसकोमुद्दतोंजीता
बिछड़तेवक़्तबतानेकीक्याज़रूरतथी
पतानहींयेतमन्ना-ए-क़ुर्बकबजागी
मुझेतोसिर्फ़उसेसोचनेकीआदतथी
ख़मोशियोंनेपरेशाँकियातोहोगामगर
पुकारनेकीयहीसिर्फ़एकसूरतथी
गएभीजानसेऔरकोईमुतमइननहुआ
किफिरदिफ़ाअनकरनेकीहमपेतोहमतथी
कहींपेचूकरहेहैंयेआईनेशायद
नहींतोअक्समेंअबतकमिरीशबाहतथी