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shampa andaliib
usii suraj kii mujh par raushni hai
usii suraj kii mujh par raushni hai | उसी सूरज की मुझ पर रौशनी है
- shampa andaliib
उसी
सूरज
की
मुझ
पर
रौशनी
है
जिसे
कल
साथ
में
देखा
था
हम
ने
- shampa andaliib
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बंदा
किसी
के
साथ,
ख़ुदा
हो
किसी
के
साथ
जाने
पराए
शहर
में
क्या
हो
किसी
के
साथ
Mueed Mirza
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दूर
रहें
तो
याद
बहुत
आती
सब
की
साथ
रहें
तो
घर
में
झगड़े
होते
हैं
Tanoj Dadhich
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चलो
न
फिर
से
दरिया
के
नज़दीक
चलें
चलो
न
फिर
से
डुबकी
साथ
लगाएँगे
Atul K Rai
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शर्तें
लगाई
जाती
नहीं
दोस्ती
के
साथ
कीजे
मुझे
क़ुबूल
मिरी
हर
कमी
के
साथ
Waseem Barelvi
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रात
दिन
तेरे
साथ
कटते
थे
यार
अब
तुझ
सेे
बात
से
भी
गए
ये
मोहब्बत
भी
किन
दिनों
में
हुई
दिल
मिलाने
थे
हाथ
से
भी
गए
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Kafeel Rana
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सफ़र
हालाँकि
तेरे
साथ
अच्छा
चल
रहा
है
बराबर
से
मगर
एक
और
रास्ता
चल
रहा
है
Shariq Kaifi
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मशवरा
हम
भी
तो
दे
सकते
थे
पर
तेरा
साथ
दे
रहे
थे
हम
Vishal Singh Tabish
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वो
रातें
चाँद
के
साथ
गईं
वो
बातें
चाँद
के
साथ
गईं
अब
सुख
के
सपने
क्या
देखें
जब
दुख
का
सूरज
सर
पर
हो
Ibn E Insha
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जानता
हूँ
कि
तुझे
साथ
तो
रखते
हैं
कई
पूछना
था
कि
तेरा
ध्यान
भी
रखता
है
कोई?
Umair Najmi
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वो
किसी
के
साथ
ख़ुश
था
कितने
दुख
की
बात
थी
अब
मेरे
पहलू
में
आ
कर
रो
रहा
है
ख़ुश
हूँ
मैं
Zubair Ali Tabish
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इस
तरह
से
न
आज़मा
मुझ
को
मेहरबाँ
है
तो
दे
दु'आ
मुझ
को
एक
मुद्दत
के
बाद
मिल
पाया
एक
अच्छा
सा
रास्ता
मुझ
को
तेरी
नफ़रत
के
साँप
ने
इक
दिन
आँख
खुलते
ही
डस
लिया
मुझ
को
सब
की
नज़रों
में
थी
हवस
क़ायम
कौन
अंदर
से
देखता
मुझ
को
आज
इक
दम
से
बन
गया
शैतान
कल
जो
लगता
था
देवता
मुझ
को
साथ
उस
के
सफ़र
मैं
करती
हूँ
जो
भी
मिलता
है
बा-वफ़ा
मुझ
को
एक
आज़ाद
अंदलीब
हूँ
मैं
ज़िंदा
देखे
तो
कर
रिहा
मुझ
को
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shampa andaliib
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दर-ब-दर
हो
गई
कई
दर
से
तेरा
माथा
ही
चूम
कर
देखूँ
shampa andaliib
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आपकी
आँखें
हुक्म
देती
हैं
आप
सीधे
ग़ुलाम
करते
हैं
shampa andaliib
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ये
करामत
है
राहगीरों
की
कब
हटाता
है
रास्ता
मुझ
को
shampa andaliib
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मुसलसल
तक
रही
तस्वीर
उनकी
जिन्हें
देखा
नहीं
जी
भर
के
मैंने
shampa andaliib
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