hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
shampa andaliib
is tarah se na aazma mujh ko
is tarah se na aazma mujh ko | इस तरह से न आज़मा मुझ को
- shampa andaliib
इस
तरह
से
न
आज़मा
मुझ
को
मेहरबाँ
है
तो
दे
दु'आ
मुझ
को
एक
मुद्दत
के
बाद
मिल
पाया
एक
अच्छा
सा
रास्ता
मुझ
को
तेरी
नफ़रत
के
साँप
ने
इक
दिन
आँख
खुलते
ही
डस
लिया
मुझ
को
सब
की
नज़रों
में
थी
हवस
क़ायम
कौन
अंदर
से
देखता
मुझ
को
आज
इक
दम
से
बन
गया
शैतान
कल
जो
लगता
था
देवता
मुझ
को
साथ
उस
के
सफ़र
मैं
करती
हूँ
जो
भी
मिलता
है
बा-वफ़ा
मुझ
को
एक
आज़ाद
अंदलीब
हूँ
मैं
ज़िंदा
देखे
तो
कर
रिहा
मुझ
को
- shampa andaliib
Download Sher Image
छोटी
छोटी
बातें
करके,
बड़े
कहाँ
हो
जाओगे
पतली
गलियों
से
निकलो
तो
खुली
सड़क
पर
आओगे
Waseem Barelvi
Send
Download Image
54 Likes
सफ़र
में
धूप
तो
होगी
जो
चल
सको
तो
चलो
सभी
हैं
भीड़
में
तुम
भी
निकल
सको
तो
चलो
Nida Fazli
Send
Download Image
49 Likes
अपनी
मर्ज़ी
से
कहाँ
अपने
सफ़र
के
हम
हैं
रुख़
हवाओं
का
जिधर
का
है
उधर
के
हम
हैं
Nida Fazli
Send
Download Image
55 Likes
जिस
दौर
से
माज़ी
मिरा
गुज़रा
है
ना
उस
दौर
से
अच्छा
है
ये
तन्हा
सफ़र
Bhoomi Srivastava
Send
Download Image
4 Likes
कभी
तो
कोसते
होंगे
सफ़र
को
कभी
जब
याद
करते
होंगे
घर
को
निकल
पड़ती
हैं
औलादें
कमाने
परिंदे
खोल
ही
लेते
हैं
पर
को
Read Full
Siddharth Saaz
Send
Download Image
56 Likes
सफ़र
के
बाद
भी
ज़ौक़-ए-सफ़र
न
रह
जाए
ख़याल
ओ
ख़्वाब
में
अब
के
भी
घर
न
रह
जाए
Abhishek shukla
Send
Download Image
22 Likes
सफ़र
से
लौट
जाना
चाहता
है
परिंदा
आशियाना
चाहता
है
Shakeel Jamali
Send
Download Image
39 Likes
किया
बादलों
में
सफ़र
ज़िंदगी
भर
ज़मीं
पर
बनाया
न
घर
ज़िंदगी
भर
सभी
ज़िंदगी
के
मज़े
लूटते
हैं
न
आया
हमें
ये
हुनर
ज़िंदगी
भर
मोहब्बत
रही
चार
दिन
ज़िंदगी
में
रहा
चार
दिन
का
असर
ज़िंदगी
भर
Read Full
Anwar Shaoor
Download Image
92 Likes
सफ़र
में
मुश्किलें
आएँ
तो
जुरअत
और
बढ़ती
है
कोई
जब
रास्ता
रोके
तो
हिम्मत
और
बढ़ती
है
Nawaz Deobandi
Send
Download Image
58 Likes
किसी
को
घर
से
निकलते
ही
मिल
गई
मंज़िल
कोई
हमारी
तरह
उम्र
भर
सफ़र
में
रहा
Ahmad Faraz
Send
Download Image
585 Likes
Read More
सारी
दुनिया
समाई
है
मुझ
में
सारे
रस्ते
मुझी
से
गुज़रे
हैं
shampa andaliib
Send
Download Image
1 Like
हमारी
आँखों
का
काजल
बहा
कर
जो
आया
वो
गया
दिल
को
दुखा
कर
हमारी
कौन
सुनता
चल
दिए
सब
हमें
तकलीफ़
फिर
अपनी
सुना
कर
वो
पंछी
फिर
दोबारा
उड़
न
पाए
किए
आज़ाद
जो
क़ैदी
बना
कर
ख़ुशी
बाँटो
ख़ुशी
से
और
सोचो
किसी
को
क्या
मिला
है
दिल
दुखा
कर
अगर
मुजरिम
हो
तो
फिर
जुर्म
अपना
करो
मंज़ूर
अब
सर
को
झुका
कर
हमारी
आँखें
तो
तकती
रहीं
पर
नहीं
देखा
किसी
ने
दूर
जा
कर
चलो
भरते
हैं
ख़ालीपन
ये
शम्पा
दर-ओ-दीवार
को
बातें
सुना
कर
Read Full
shampa andaliib
Download Image
0 Likes
कशिश
है
आपके
चेहरे
में
ऐसी
फ़लक
से
चाँद
तारे
आ
गए
हैं
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
सब
साफ़
दिख
रहा
है
मुझे
दूर
तक
अभी
चेहरे
पे
तेरे
नाम
की
हल्की
सी
धूप
है
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
और
उम्मीद
क्या
रखूँ
तुझ
से
एक
रिश्ता
निभा
नहीं
पाया
shampa andaliib
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Lab Shayari
Taj Mahal Shayari
Fantasy Shayari
Jashn Shayari
DP Shayari