hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
shampa andaliib
kashish hai aapke chehre men aisi
kashish hai aapke chehre men aisi | कशिश है आपके चेहरे में ऐसी
- shampa andaliib
कशिश
है
आपके
चेहरे
में
ऐसी
फ़लक
से
चाँद
तारे
आ
गए
हैं
- shampa andaliib
Download Sher Image
इश्क़
हमारा
चाँद
सितारे
छू
लेगा
घुटनों
पर
आकर
इज़हार
किया
हमने
Darpan
Send
Download Image
38 Likes
चाँद
सा
मिस्रा
अकेला
है
मिरे
काग़ज़
पर
छत
पे
आ
जाओ
मिरा
शे'र
मुकम्मल
कर
दो
Bashir Badr
Send
Download Image
75 Likes
हर
चंद
कि
हैं
अदबार
में
हम
कहते
हैं
खुले
बाज़ार
में
हम
हैं
सब
से
बड़े
संसार
में
हम
मज़दूर
हैं
हम
मज़दूर
हैं
हम
Read Full
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
25 Likes
उसने
खिड़की
से
चाँद
देखा
था
मैंने
खिड़की
में
चाँद
देखा
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
96 Likes
तरीक़े
और
भी
हैं
इस
तरह
परखा
नहीं
जाता
चराग़ों
को
हवा
के
सामने
रक्खा
नहीं
जाता
मोहब्बत
फ़ैसला
करती
है
पहले
चंद
लम्हों
में
जहाँ
पर
इश्क़
होता
है
वहाँ
सोचा
नहीं
जाता
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
130 Likes
कि
जैसे
चाँद
निकलेगा
यहीं
से
मैं
ऐसे
एक
खिड़की
देखता
हूँ
Aks samastipuri
Send
Download Image
44 Likes
ये
शफ़क़
चाँद
सितारे
नहीं
अच्छे
लगते
तुम
नहीं
हो
तो
नज़ारे
नहीं
अच्छे
लगते
Indira Varma
Send
Download Image
40 Likes
उस
चाँद
को
भी
रश्क
होता
था
उसी
को
देख
कर
मैं
भी
खुले
आकाश
में
तस्वीर
उसकी
चूमता
Ankit Yadav
Send
Download Image
5 Likes
रात
के
जिस्म
में
जब
पहला
पियाला
उतरा
दूर
दरिया
में
मेरे
चाँद
का
हाला
उतरा
Kumar Vishwas
Send
Download Image
48 Likes
अमीर-ए-शहर
का
रिश्ते
में
कोई
कुछ
नहीं
लगता
ग़रीबी
चाँद
को
भी
अपना
मामा
मान
लेती
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
37 Likes
Read More
हाथ
अपने
बना
लिए
तेरे
फिर
तिरे
साथ
खेल
ली
होली
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
फूल
इक
भी
नहीं
है
श्रद्धा
का
कैसे
मंदिर
का
तू
पुजारी
है
shampa andaliib
Send
Download Image
1 Like
दुनिया
ये
हम
को
एक
तरीक़े
से
देखती
वैसे
मैं
हर
तरह
से
हूँ
लोगों
से
मुख़्तलिफ़
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
बेवफ़ाओं
से
है
उमीद-ए-वफ़ा
वहम
का
टूटना
ही
बेहतर
है
shampa andaliib
Send
Download Image
1 Like
पहले
सब
को
सलाम
करते
हैं
फिर
कहीं
पर
क़याम
करते
हैं
कार-ए-दुनिया
से
मिलते
ही
फ़ुर्सत
अपने
हिस्से
का
काम
करते
हैं
आपकी
आँखें
हुक्म
देती
हैं
आप
सीधे
ग़ुलाम
करते
हैं
हम
भी
सब
के
क़रीब
जाते
नहीं
दूर
से
राम
राम
करते
हैं
एक
पर
कैसे
वो
रहें
मौक़ूफ़
जो
सभी
से
कलाम
करते
हैं
Read Full
shampa andaliib
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Pandemic Shayari
Wajood Shayari
Shaam Shayari
Sarhad Shayari
Ulfat Shayari