hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
shampa andaliib
pahle sab ko salaam karte hain
pahle sab ko salaam karte hain | पहले सब को सलाम करते हैं
- shampa andaliib
पहले
सब
को
सलाम
करते
हैं
फिर
कहीं
पर
क़याम
करते
हैं
कार-ए-दुनिया
से
मिलते
ही
फ़ुर्सत
अपने
हिस्से
का
काम
करते
हैं
आपकी
आँखें
हुक्म
देती
हैं
आप
सीधे
ग़ुलाम
करते
हैं
हम
भी
सब
के
क़रीब
जाते
नहीं
दूर
से
राम
राम
करते
हैं
एक
पर
कैसे
वो
रहें
मौक़ूफ़
जो
सभी
से
कलाम
करते
हैं
- shampa andaliib
Download Ghazal Image
छोड़
कर
हम
को
हर
जगह
हैं
वो
कल
तलक
जो
फ़क़त
हमारे
थे
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
तीरगी
से
उजाले
की
सम्त
आ
गई
जिस
घड़ी
हो
गया
आपसे
राब्ता
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
फ़क़त
अपने
मकाँ
तक
क्या
ही
रखना
दिए
की
रौशनी
बाहर
भी
जाए
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
तुझ
से
पहले
जो
शख़्स
आया
था
मेरे
दिल
में
नहीं
समाया
था
कुछ
तो
क़िस्मत
ख़राब
थी
मेरी
रंग
तू
ने
भी
कुछ
दिखाया
था
कितनी
बातें
बनाई
दुनिया
ने
एक
क़िस्सा
फ़क़त
सुनाया
था
सब
नज़र
आए
हादसे
के
बाद
वक़्त
पर
कोई
भी
न
आया
था
ये
अलग
बात
खुल
गईं
आँखें
ख़्वाब
हम
ने
भी
इक
सजाया
था
Read Full
shampa andaliib
Download Image
1 Like
ज़िंदा
रखती
है
जिस
की
परछाई
एक
ऐसा
दरख़्त
है
माई
कैसे
उस
घर
में
ख़ुश
रहे
माई
भाई
से
लड़
रहा
जहाँ
भाई
बाद
मुद्दत
के
भर
रहे
हैं
ज़ख़्म
उम्र
गुज़री
तो
छट
रही
काई
रहनुमा
हो
गए
कहाँ
ओझल
मेरी
राहों
में
खोद
कर
खाई
तू
नहीं
है
ये
अब
हुआ
एहसास
मैं
अचानक
से
इस
तरफ़
आई
Read Full
shampa andaliib
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bekhabri Shayari
Mashwara Shayari
Aag Shayari
Ishaara Shayari
Self respect Shayari