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shampa andaliib
mohabbat hai mujhe tujh se mohabbat
mohabbat hai mujhe tujh se mohabbat | मोहब्बत है मुझे तुझ से मोहब्बत
- shampa andaliib
मोहब्बत
है
मुझे
तुझ
से
मोहब्बत
तू
मेरे
काम
का
ज़रिया
नहीं
है।।
- shampa andaliib
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कितने
हसीं
हो
माशा-अल्लाह
तुम
पे
मोहब्बत
ख़ूब
जचेगी
Zubair Ali Tabish
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दिल
में
न
हो
जुरअत
तो
मोहब्बत
नहीं
मिलती
ख़ैरात
में
इतनी
बड़ी
दौलत
नहीं
मिलती
Nida Fazli
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इक
बार
अपनी
माँ
को
मोहब्बत
से
देख
ले
जिसको
भी
हुस्न-ए-ताम
का
मतलब
नहीं
पता
Rohit tewatia 'Ishq'
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अदाकार
के
कुछ
भी
बस
का
नहीं
है
मोहब्बत
है
ये
कोई
ड्रामा
नहीं
है
जिसे
तेरी
आँखें
बताती
हैं
रस्ता
वो
राही
कहीं
भी
पहुँचता
नहीं
है
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Zubair Ali Tabish
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दिल
जिसका
मोहब्बत
में
गिरफ़्तार
रहा
है
वो
मेरी
मदद
के
लिए
तैयार
रहा
है
आग़ाज़-ए-मोहब्बत
का
फ़साना
भी
था
दिलचस्प
बर्बादी
का
क़िस्सा
भी
मज़ेदार
रहा
है
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Obaid Azam Azmi
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इस
त'अल्लुक़
में
नहीं
मुमकिन
तलाक़
ये
मोहब्बत
है
कोई
शादी
नहीं
Anwar Shaoor
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मोहब्बत
अपनी
क़िस्मत
में
नहीं
है
इबादत
से
गुज़ारा
कर
रहे
है
Fahmi Badayuni
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तुम
मेरी
पहली
मोहब्बत
तो
नहीं
हो
लेकिन
मैंने
चाहा
है
तुम्हें
पहली
मोहब्बत
की
तरह
Wasi Shah
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मुहब्बत
रास
आ
जाए
हमें
ये
सोचकर
हम
ने
जिसे
भी
चाहा
है
पहली
मुहब्बत
की
तरह
चाहा
Prashant Rao chourase
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ये
कहना
था
उन
से
मोहब्बत
है
मुझ
को
ये
कहने
में
मुझ
को
ज़माने
लगे
हैं
Khumar Barabankvi
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कशिश
है
आपके
चेहरे
में
ऐसी
फ़लक
से
चाँद
तारे
आ
गए
हैं
shampa andaliib
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एक
तावीज़
की
ज़रूरत
है
लग
गई
फिर
बुरी
नज़र
मुझ
को
shampa andaliib
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जहाँ
भी
ज़रा
सी
मिले
रौशनी
दिल
ख़मोशी
उदासी
मिटा
तीरगी
दिल
पुराने
दरीचे
सभी
खोल
बैठा
न
बन
जाए
मुश्किल
तुझे
ताज़गी
दिल
कई
लोग
अपने
पराए
हुए
हैं
हमें
आज़माए
है
फिर
ज़िंदगी
दिल
ये
गर्दिश
का
आलम
है
दो
चार
दिन
बस
नहीं
रहता
कोई
हमेशा
दुखी
दिल
मुझे
मुश्किलों
ने
बहुत
आज़माया
खड़ी
अपने
दम
पर
मैं
फिर
भी
रही
दिल
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shampa andaliib
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हमारी
आँखों
का
काजल
बहा
कर
जो
आया
वो
गया
दिल
को
दुखा
कर
हमारी
कौन
सुनता
चल
दिए
सब
हमें
तकलीफ़
फिर
अपनी
सुना
कर
वो
पंछी
फिर
दोबारा
उड़
न
पाए
किए
आज़ाद
जो
क़ैदी
बना
कर
ख़ुशी
बाँटो
ख़ुशी
से
और
सोचो
किसी
को
क्या
मिला
है
दिल
दुखा
कर
अगर
मुजरिम
हो
तो
फिर
जुर्म
अपना
करो
मंज़ूर
अब
सर
को
झुका
कर
हमारी
आँखें
तो
तकती
रहीं
पर
नहीं
देखा
किसी
ने
दूर
जा
कर
चलो
भरते
हैं
ख़ालीपन
ये
शम्पा
दर-ओ-दीवार
को
बातें
सुना
कर
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shampa andaliib
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बेवफ़ाओं
से
है
उमीद-ए-वफ़ा
वहम
का
टूटना
ही
बेहतर
है
shampa andaliib
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