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Shahanwaz Ansari
vo bas teri ummeed laga kar baithe hain
vo bas teri ummeed laga kar baithe hain | वो बस तेरी उम्मीद लगा कर बैठे हैं
- Shahanwaz Ansari
वो
बस
तेरी
उम्मीद
लगा
कर
बैठे
हैं
तू
पूछ
लिया
कर
हाल
कभी
दीवानों
से
- Shahanwaz Ansari
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मुझ
सेे
तू
गर
जुदा
नहीं
होता
हाल
इतना
बुरा
नहीं
होता
याद
में
तेरी
मैं
यूँॅं
खोता
हूॅं
मुझको
अपना
पता
नहीं
होता
इश्क़
को
लोगों
ने
ख़राब
किया
इश्क़
करना
बुरा
नहीं
होता
तुम
अगर
मेरे
हो
गए
होते
तो
मेरे
पास
क्या
नहीं
होता
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Shahanwaz Ansari
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है
क्या
ज़रूरी
मिरा
ऐसा
करना
सब
भूल
कर
बस
तुझे
सोचा
करना
आग़ोश
में
अपनी
तुम
मुझको
लेना
हम
गर
मिले
यार
बस
इतना
करना
दिल
पर
मिरे
ज़ख़्म
सा
करता
है
ये
मुझ
से
नज़र
तुम
नहीं
फेरा
करना
ख़ुद
को
ये
कहना
कि
तुझको
न
सोचें
हर
वक़्त
फिर
तुझको
ही
सोचा
करना
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Shahanwaz Ansari
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उस
हुस्न
की
जो
भी
ज़ियारत
करता
मुमकिन
है
उस
से
मोहब्बत
करता
Shahanwaz Ansari
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कौन
किसी
का
सुनता
दुख
है
सबको
अपना
अपना
दुख
है
प्यार
मोहब्बत
घर
की
उलझन
सबको
वही
पुराना
दुख
है
तुझ
सेे
जुदा
हो
कर
ही
समझा
आख़िर
कैसा
होता
दुख
है
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Shahanwaz Ansari
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चमकेगा
कब
मेरा
भी
नसीबा
आक़ा
मैं
पहुँचूँ
दर
पर
कहता
आक़ा
आक़ा
कुछ
भी
तो
मेरे
पास
नहीं
बख़्शिश
को
हाँ
इतना
ज़रूर
कि
हूँ
मैं
तुम्हारा
आक़ा
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Shahanwaz Ansari
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