hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shadan Ahsan Marehrvi
muddaton jo rahe juda hokar
muddaton jo rahe juda hokar | मुद्दतों जो रहे जुदा होकर
- Shadan Ahsan Marehrvi
मुद्दतों
जो
रहे
जुदा
होकर
नूर
की
बारिशों
में
बाहम
हैं
- Shadan Ahsan Marehrvi
Download Sher Image
हस्ती
का
नज़ारा
क्या
कहिए
मरता
है
कोई
जीता
है
कोई
जैसे
कि
दिवाली
हो
कि
दिया
जलता
जाए
बुझता
जाए
Nushur Wahidi
Send
Download Image
20 Likes
दिया
जला
के
सभी
बाम-ओ-दर
में
रखते
हैं
और
एक
हम
हैं
इसे
रह-गुज़र
में
रखते
हैं
समुंदरों
को
भी
मालूम
है
हमारा
मिज़ाज
कि
हम
तो
पहला
क़दम
ही
भँवर
में
रखते
हैं
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
47 Likes
ज़ख़्म
जो
तुम
ने
दिया
वो
इस
लिए
रक्खा
हरा
ज़िंदगी
में
क्या
बचेगा
ज़ख़्म
भर
जाने
के
बाद
Azm Shakri
Send
Download Image
42 Likes
दुनिया
ने
तजरबात-ओ-हवादिस
की
शक्ल
में
जो
कुछ
मुझे
दिया
है
वो
लौटा
रहा
हूँ
मैं
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
28 Likes
चाँद
चेहरा
ज़ुल्फ़
दरिया
बात
ख़ुशबू
दिल
चमन
इक
तुम्हें
दे
कर
ख़ुदा
ने
दे
दिया
क्या
क्या
मुझे
Bashir Badr
Send
Download Image
78 Likes
जो
यहाँ
ख़ुद
ही
लगा
रक्खी
है
चारों
जानिब
एक
दिन
हम
ने
इसी
आग
में
जल
जाना
है
Zafar Iqbal
Send
Download Image
22 Likes
जबसे
आप
गए
हो
मेरे
जीवन
से
गाने
सुनता
हूँ,
पर
गाना
छोड़
दिया
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
24 Likes
ज़बाने
दाग़
में
मैंने
उसे
लिखी
चिट्ठी
मिज़ाजे
मीर
में
उसने
मुझे
जवाब
दिया
Shadan Ahsan Marehrvi
Send
Download Image
2 Likes
डाली
है
ख़ुद
पे
ज़ुल्म
की
यूँँ
इक
मिसाल
और
उसके
बग़ैर
काट
दिया
एक
साल
और
Subhan Asad
Send
Download Image
47 Likes
मैं
क्या
करूँँ
मेरी
बेगम
सुहाग
ढूँढे
है
मेरे
बुझे
हुए
चूल्हे
में
आग
ढूँढ़े
है
वो
दिन
गए
कि
उड़ाते
थे
फ़ाख़्ताएँ
हम
सपेरा
चूहे
के
इक
बिल
में
नाग
ढूँढे
है
Read Full
Paplu Lucknawi
Send
Download Image
14 Likes
Read More
अँधेरे
और
काले
हो
गए
हैं
मेरे
दुश्मन
उजाले
हो
गए
हैं
चमन
को
छोड़कर
जब
से
गए
हो
हरे
पत्ते
भी
काले
हो
गए
हैं
तेरी
चाहत
में
पढ़कर
सब
बिरागी
मोहब्बत
करने
वाले
हो
गए
हैं
बहुत
लागत
ग़ज़ल
में
लग
रही
है
के
अब
रोटी
के
लाले
हो
गए
हैं
ज़रा
सा
जो
हुआ
बेख़ुद
तो
मेरे
मुख़ालिफ़
होश
वाले
हो
गए
हैं
करम
की
जिस
सेे
की
हमने
गुज़ारिश
वो
बादल
और
काले
हो
गए
हैं
तेरी
ही
हिज्र
की
वीरानियों
से
मेरे
कमरे
में
जाले
हो
गए
हैं
Read Full
Shadan Ahsan Marehrvi
Download Image
3 Likes
तकाज़े
जो
निभाते
रास्तों
के
तो
टल
सकते
थे
मंज़र
हादसों
के
ठिकाने
ढूँढने
में
सूफियों
के
मैं
ज़द
में
आ
गया
हूँ
कूफ़ियों
के
मसीहा
जब
तलक
भेजे
न
यज़दाँ
दीए
बुझते
नहीं
हैं
ज़ुल्मतों
के
जो
मसनद
पे
यहाँ
बैठा
है
हाकिम
नहीं
सुनता
है
नाले
बेकसों
के
बज़ाहिर
करके
ईमाँ
का
दिखावा
लबादे
ओढ़े
हमने
मोमिनों
के
तुझे
चाहा
परखना
तब
ये
जाना
कि
ज़द
में
आ
गया
हूँ
वसवसों
के
मेरा
लाशा
उठाए
फिर
रहे
हैं
बदलते
काँधे
मेरे
दोस्तों
के
मुसलसल
गूंगे
रहकर
एक
अर्सा
सितम
सहते
रहे
हम
बामनों
के
Read Full
Shadan Ahsan Marehrvi
Download Image
2 Likes
अक़्ल
ने
सैकड़ों
दलीलें
दीं
दिल
ने
हरगिज़
न
बात
इक
मानी
Shadan Ahsan Marehrvi
Send
Download Image
2 Likes
दिल
को
मेरे
मलाल
कैसा
है
अलग़रज़
ये
ज़वाल
कैसा
है
हिज्र
तूने
जिया
नहीं
वाइज़
क्या
कहूँ
तुझ
सेे
हाल
कैसा
है
मेरी
हर
बात
से
गिला
है
उसे
जाने
वो
हमख़याल
कैसा
है
यूँँ
करे
रब
कि
जब
पड़े
मुश्किल
मुझ
सेे
पूछे
कि
हाल
कैसा
है
वक़्त-ए-मुश्किल
में
हौसला
रखना
चल
खड़ा
हो
निढ़ाल
कैसा
है
बारहा
सोचता
हूँ
मैं
अक्सर
जाने
मेरा
ख़याल
कैसा
है
इक
बिरहमन
ने
फिर
कहा
अच्छा
देखते
हैं
कि
साल
कैसा
है
Read Full
Shadan Ahsan Marehrvi
Download Image
0 Likes
हुस्न
अपना
हिजाब
में
रखना
सारा
जलवा
नक़ाब
में
रखना
मेरी
चाहत
को
छोड़ना
न
कभी
फूल
कोई
किताब
में
रखना
जलपरी
तुमको
लोग
समझेंगे
पाँव
अपना
न
आब
में
रखना
रिन्द
बहके
न
रेहगुज़ारो
में
इतनी
मस्ती
शराब
में
रखना
मेरी
उल्फत
के
तुम
फ़साने
को
इश्क़
की
हर
किताब
में
रखना
जिसकी
ता'बीर
में
हक़ीक़त
हो
ऐसी
तासीर
ख़्वाब
में
रखना
लग
न
जाए
नज़र
हरीफ़ों
की
अपना
चेहरा
नक़ाब
में
रखना
बस
में
तेरे
नहीं
है
अब
शादान
ज़ख़्म
उनके
हिसाब
में
रखना
Read Full
Shadan Ahsan Marehrvi
Download Image
2 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Tasweer Shayari
Bekhabri Shayari
Aankhein Shayari
Ilm Shayari
Corruption Shayari