hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shaad Imran
us ladki ke jaane se bas ye badla
us ladki ke jaane se bas ye badla | उस लड़की के जाने से बस ये बदला
- Shaad Imran
उस
लड़की
के
जाने
से
बस
ये
बदला
प्यारी-प्यारी
ग़ज़लें
होना
छूट
गई
- Shaad Imran
Download Sher Image
तुम
सेे
जो
मिला
हूँ
तो
मेरा
हाल
है
बदला
पतझड़
में
भी
जैसे
के
कोई
फूल
खिला
हो
Haider Khan
Send
Download Image
39 Likes
लहजा
ही
थोड़ा
तल्ख़
है
दुनिया
के
सामने
वैसे
तो
ठीक
ठाक
हूँ
मैं
बोल-चाल
में
Ankit Maurya
Send
Download Image
44 Likes
आँधियों
से
लड़
रहे
हैं
जंग
कुछ
काग़ज़
के
लोग
हम
पे
लाज़िम
है
कि
इन
लोगों
को
फ़ौलादी
कहें
Ameer Imam
Send
Download Image
52 Likes
जुदा
किसी
से
किसी
का
ग़रज़
हबीब
न
हो
ये
दाग़
वो
है
कि
दुश्मन
को
भी
नसीब
न
हो
Nazeer Akbarabadi
Send
Download Image
25 Likes
अगर
रक़ीब
न
होते
तो
दोस्त
होते
आप
हमारे
शौक़,
ख़यालात
एक
जैसे
हैं
Amulya Mishra
Send
Download Image
44 Likes
अगर
लगता
है
वो
क़ाबिल
नहीं
है
तो
रिश्ता
तोड़ना
मुश्किल
नहीं
है
रक़ीब
आया
है
मेरे
शे'र
सुनने
तो
अब
ये
जंग
है
महफ़िल
नहीं
है
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
35 Likes
मुनाफ़िक़
दोस्तों
से
लाख
बेहतर
हैं
ख़ुदा
दुश्मन
कि
ग़द्दारी
नवाबों
से
हुकूमत
छीन
लेती
है
Unknown
Send
Download Image
58 Likes
ज़रा
मौसम
तो
बदला
है
मगर
पेड़ों
की
शाख़ों
पर
नए
पत्तों
के
आने
में
अभी
कुछ
दिन
लगेंगे
बहुत
से
ज़र्द
चेहरों
पर
ग़ुबार-ए-ग़म
है
कम
बे-शक
पर
उन
को
मुस्कुराने
में
अभी
कुछ
दिन
लगेंगे
Javed Akhtar
Send
Download Image
33 Likes
इन
दिनों
दोस्त
मेरे
सारे
ही
रूठे
हुए
हैं
मेरे
दुश्मन
यही
मौक़ा
है
हरा
दे
मुझ
को
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
43 Likes
वो
जंग
जिस
में
मुक़ाबिल
रहे
ज़मीर
मिरा
मुझे
वो
जीत
भी
'अंबर'
न
होगी
हार
से
कम
Ambreen Haseeb Ambar
Send
Download Image
25 Likes
Read More
वक़्त
आवारगी
में
ज़ाया'
किया
दर्द
को
शा'इरी
में
ज़ाया'
किया
जब
भी
मौक़ा
मिला
मोहब्बत
का
शैख़
ने
बंदगी
में
ज़ाया'
किया
मुझ
से
ग़लती
हुई
कि
तुझ
सा
चराग़
हल्की
सी
तीरगी
में
ज़ाया'
किया
इक
मिला
था
मुझे
तेरे
जैसा
जिसको
तेरी
कमी
में
ज़ाया'
किया
हुस्न
होता
है
नाज़
करने
को
तूने
क्यूँँ
सादगी
में
जाया
किया
कुल
मेरी
उम्र
के
बराबर
है
वक़्त
जो
ज़िन्दगी
में
ज़ाया'
किया
शाद
जैसे
को
भी
रक़ीबों
ने
आपसी
दुश्मनी
में
ज़ाया'
किया
Read Full
Shaad Imran
Download Image
4 Likes
दर्द-ए-दिल
की
दवा
नहीं
होती
इश्क़
में
इल्तिजा
नहीं
होती
बना
देने
से
डर
जहन्नुम
का
बंदगी
या
ख़ुदा
नहीं
होती
ज़िन्दगी
बे-वफ़ा
ही
होती
है
मौत
पर
बे-वफ़ा
नहीं
होती
कुछ
तो
गुज़री
है
तेरे
दिल
पे
'शाद'
शा'इरी
बेवजह
नहीं
होती
Read Full
Shaad Imran
Download Image
19 Likes
अब्र
जब
भी
गुज़रते
हैं
गली
से
रंग
चुरा
लेते
है
तेरी
ओढ़नी
से
Shaad Imran
Send
Download Image
5 Likes
फूल
थम
से
गए
गिरना
शजर
से
गाँव
तुम
लौट
आए
जब
शहरस
दिल
में
ख़्वाहिश
है
तेरा
चेहरा
देखूँ
आँख
हटती
नहीं
लेकिन
नज़र
से
जाँ
तिरे
होंठों
को
चूमने
वाले
मर
न
जाए
किसी
रोज़
शकर
से
जिसको
मज़हब
का
कोई
इल्म
न
हो
दोस्ती
कीजियेगा
ऐसे
बेख़बर
से
उसके
घरवालों
ने
'शाद'
कह
दिया
है
बेटी
बियाहेंगे
सिर्फ़
आफ़िसर
से
Read Full
Shaad Imran
Download Image
4 Likes
आजकल
हम
जफ़ा
पे
लिखते
हैं
यानी
तेरी
अदा
पे
लिखते
हैं
Shaad Imran
Send
Download Image
16 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Attitude Shayari
Dil Shayari
Ulfat Shayari
Subah Shayari
Zakhm Shayari