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Suraj "pathik"
yahii hai aarzoo bas aap se dilbar
yahii hai aarzoo bas aap se dilbar | यही है आरज़ू बस आप से दिलबर
- Suraj "pathik"
यही
है
आरज़ू
बस
आप
से
दिलबर
जरा
दिल
तोड़िए
आहिस्ता
आहिस्ता
- Suraj "pathik"
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ज़िंदगी
भर
के
लिए
दिल
पे
निशानी
पड़
जाए
बात
ऐसी
न
लिखो,
लिख
के
मिटानी
पड़
जाए
Aadil Rasheed
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वही
शागिर्द
फिर
हो
जाते
हैं
उस्ताद
ऐ
'जौहर'
जो
अपने
जान-ओ-दिल
से
ख़िदमत-ए-उस्ताद
करते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
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निभेगी
किस
तरह
दिल
सोचता
है
अजब
लड़की
है
जब
देखो
ख़फ़ा
है
Fuzail Jafri
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हम
मिल
के
आ
गए
मगर
अच्छा
नहीं
लगा
फिर
यूँँ
हुआ
असर
कि
घर
अच्छा
नहीं
लगा
इक
बार
दिल
में
तुझ
सेे
जुदाई
का
डर
बना
फिर
दूसरा
कोई
भी
डर
अच्छा
नहीं
लगा
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Shriyansh Qaabiz
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शक
है
तुझे
अगर
ये
अब
भी
गुदाज़
है
दिल
तो
सीने
से
कभी
ये
पत्थर
निकाल
मेरा
Abhay Aadiv
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शाम-ए-फ़िराक़
अब
न
पूछ
आई
और
आ
के
टल
गई
दिल
था
कि
फिर
बहल
गया
जाँ
थी
कि
फिर
सँभल
गई
Faiz Ahmad Faiz
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आप
चाहें
तो
कहीं
और
भी
रह
सकते
हैं
दिल
हमारा
है
तो
मर्ज़ी
भी
हमारी
होगी
Shamsul Hasan ShamS
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जितने
भी
हैं
ज़ख़्म
तुम्हारे
सिल
देगी
होटल
में
खाने
का
आधा
बिल
देगी
सीधे
मुँह
जो
बात
नहीं
करती
है
जो
तुमको
लगता
है
वो
लड़की
दिल
देगी
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Shadab Asghar
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तुम्हें
इक
मश्वरा
दूँ
सादगी
से
कह
दो
दिल
की
बात
बहुत
तैयारियाँ
करने
में
गाड़ी
छूट
जाती
है
Zubair Ali Tabish
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गले
मिलना
न
मिलना
तो
तेरी
मर्ज़ी
है
लेकिन
तेरे
चेहरे
से
लगता
है
तेरा
दिल
कर
रहा
है
Tehzeeb Hafi
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हम
ऐसे
ज़िंदगी
से
जो
उकताए
हैं
यहाँ
मरने
की
भी
न
सोचें
तो
फिर
क्या
करें
नया
Suraj "pathik"
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झूठे
दिल
का
दौर
मुबारक
तुमको
अब
इक
और
मुबारक
अब
तक
इतनी
बात
बनी
है
फिर
ये
ज़ेर-ए-ग़ौर
मुबारक
देख
गणित
का
ज्ञाता
हूँ
मैं
फिर
ज़ख़्म-ए-
बेतौर
मुबारक
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Suraj "pathik"
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सहने
में
अब
दुश्वारी
है
यूँँ
ग़म
मेरा
सरकारी
है
हाँ
कुछ
यारी
मक्कारी
है
औ
कहते
ये
हुश्यारी
है
अपनी
भी
कोई
दुनिया
है
अपनी
भी
दुनिया
दारी
है
प्रेम
सरस
में
जीना
सीखा
औ
जीना
उस
में
जारी
है
चलते
चलते
थक
जाता
हूँ
बस
थोड़ी
जिम्मेदारी
है
हर
दिन
तुम
में
ही
जीता
हूँ
यार
यही
इक
बीमारी
है
तन
मन
जीवन
सब
नश्वर
है
बस
मरने
की
तैयारी
है
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Suraj "pathik"
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ये
जवानी
है
दिलनशीं
साहब
मसअला
इल्म-ए-हुस्न
का
है
बस
Suraj "pathik"
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अदा
है
ख़ूब
पैकर
में
तिरी
जाँ
जानती
हो
क्या
न
जाने
हुस्न
ये
कितने
कलमकारों
को
ले
डूबा
Suraj "pathik"
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