hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sandeep dabral 'sendy'
jab yaad aate sang bitaaye vo lamhe so
jab yaad aate sang bitaaye vo lamhe so | जब याद आते संग बिताए वो लम्हें सो
- Sandeep dabral 'sendy'
जब
याद
आते
संग
बिताए
वो
लम्हें
सो
तब
ज़ार-ज़ार
अश्कों
की
बरसात
होती
है
- Sandeep dabral 'sendy'
Download Sher Image
दूर
तक
छाए
थे
बादल
और
कहीं
साया
न
था
इस
तरह
बरसात
का
मौसम
कभी
आया
न
था
Qateel Shifai
Send
Download Image
29 Likes
वो
ग़ुस्से
में
सीधी
बात
नहीं
करता
तूफ़ानों
में
बारिश
तिरछी
होती
है
Ankit Maurya
Send
Download Image
33 Likes
उस
ने
बारिश
में
भी
खिड़की
खोल
के
देखा
नहीं
भीगने
वालों
को
कल
क्या
क्या
परेशानी
हुई
Jamal Ehsani
Send
Download Image
26 Likes
जाने
कैसे
ख़ुश
रहने
की
आदत
डाली
जाती
है
उनके
यहाँ
तो
बारिश
में
भी
धूप
निकाली
जाती
है
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
40 Likes
तन्हा
होना,
गुमसुम
दिखना,
कुछ
ना
कहना...
ठीक
नहीं
अपने
ग़म
को
इतना
सहना,
इतना
सहना...
ठीक
नहीं
आओ
दिल
की
मिट्टी
में
कुछ
दिल
की
बातें
बो
दें
हम
बारिश
के
मौसम
में
गमले
ख़ाली
रहना...
ठीक
नहीं
Read Full
Dev Niranjan
Send
Download Image
35 Likes
तुम्हें
मैं
क्या
बताऊँ
इस
शहर
का
हाल
कैसा
है
यहाँ
बारिश
तो
होती
है
मगर
सावन
नहीं
आता
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
41 Likes
आँख
भर
आई
किसी
से
जो
मुलाक़ात
हुई
ख़ुश्क
मौसम
था
मगर
टूट
के
बरसात
हुई
Manzar Bhopali
Send
Download Image
32 Likes
बारिश
हो
जाने
के
बाद
भी
मिट्टी
गीली
रहती
है
मैं
तेरे
जाने
के
बाद
भी
तुझ
सेे
बातें
करता
हूँ
Siddharth Saaz
Send
Download Image
17 Likes
दिन
में
मिल
लेते
कहीं
रात
ज़रूरी
थी
क्या?
बेनतीजा
ये
मुलाक़ात
ज़रूरी
थी
क्या
मुझ
सेे
कहते
तो
मैं
आँखों
में
बुला
लेता
तुम्हें
भीगने
के
लिए
बरसात
ज़रूरी
थी
क्या
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
82 Likes
ख़िलाफ़-ए-शर्त-ए-अना
था
वो
ख़्वाब
में
भी
मिले
मैं
नींद
नींद
को
तरसा
मगर
नहीं
सोया
ख़िलाफ़-ए-मौसम-ए-दिल
था
कि
थम
गई
बारिश
ख़िलाफ़-ए-ग़ुर्बत-ए-ग़म
है
कि
मैं
नहीं
रोया
Read Full
Khalil Ur Rehman Qamar
Send
Download Image
50 Likes
Read More
मियाँ
उसने
अभी
तक
उस
गली
से
घर
नहीं
बदला
कि
उसकी
कॉल
की
उम्मीद
में
नंबर
नहीं
बदला
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
1 Like
लोग
लिखते
हैं
अकसर
दूरी
दरमियाँ
सबके
दरमियाँ
धरा
नभ
के
हम
विसाल
लिक्खेंगे
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
मैं
हाल
अपना
क्या
करूँँ
तुझ
सेे
बयाँ
इतना
समझ
मेरी
उदासी
देख
शीशे
टूट
जाते
हैं
यहाँ
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
उसके
झुमके
औ
बाली
फिर
से
नाराज़
न
हो
जाएँ
नज़र
हटाई
हमने
ठोड़ी
के
तिल
से
धीरे
धीरे
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
रुख़सार,
जबीं
हर
बार
नज़र
खींचे
अपनी
ओर
मैं
तिल
को
नुक्ता
बिंदी
को
महताब
लिखूँगा
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Hausla Shayari
Haya Shayari
Rang Shayari
Raqs Shayari
Gaon Shayari