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Sandeep dabral 'sendy'
miyaan usne abhii tak us gali se ghar nahin badla
miyaan usne abhii tak us gali se ghar nahin badla | मियाँ उसने अभी तक उस गली से घर नहीं बदला
- Sandeep dabral 'sendy'
मियाँ
उसने
अभी
तक
उस
गली
से
घर
नहीं
बदला
कि
उसकी
कॉल
की
उम्मीद
में
नंबर
नहीं
बदला
- Sandeep dabral 'sendy'
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हम
अम्न
चाहते
हैं
मगर
ज़ुल्म
के
ख़िलाफ़
गर
जंग
लाज़मी
है
तो
फिर
जंग
ही
सही
Sahir Ludhianvi
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वो
जंग
जिस
में
मुक़ाबिल
रहे
ज़मीर
मिरा
मुझे
वो
जीत
भी
'अंबर'
न
होगी
हार
से
कम
Ambreen Haseeb Ambar
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मुझे
दुश्मन
से
भी
ख़ुद्दारी
की
उम्मीद
रहती
है
किसी
का
भी
हो
सर
क़दमों
में
सर
अच्छा
नहीं
लगता
Javed Akhtar
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रंग
बदला
यार
ने
वो
प्यार
की
बातें
गईं
वो
मुलाक़ातें
गईं
वो
चाँदनी
रातें
गईं
Hafeez Jalandhari
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इन
दिनों
दोस्त
मेरे
सारे
ही
रूठे
हुए
हैं
मेरे
दुश्मन
यही
मौक़ा
है
हरा
दे
मुझ
को
Afzal Ali Afzal
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ख़ास
तो
कुछ
भी
नहीं
बदला
तुम्हारे
बाद
में
पहले
गुम
रहता
था
तुम
में,
अब
तुम्हारी
याद
में
मोल
हासिल
हो
गया
है
मुझको
इक-इक
शे'र
का
सब
दिलासे
दे
रहे
हैं
मुझको
"जस्सर"
दाद
में
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Avtar Singh Jasser
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जुदा
किसी
से
किसी
का
ग़रज़
हबीब
न
हो
ये
दाग़
वो
है
कि
दुश्मन
को
भी
नसीब
न
हो
Nazeer Akbarabadi
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ज़िन्दगी,
यूँँ
भी
गुज़ारी
जा
रही
है
जैसे,
कोई
जंग
हारी
जा
रही
है
जिस
जगह
पहले
से
ज़ख़्मों
के
निशां
थे
फिर
वहीं
पे
चोट
मारी
जा
रही
है
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Azm Shakri
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चुप
हुए
तो
घर
से
निकले
जा
के
दफ़्तर
रो
पड़े
इश्क़
ऐसी
जंग
है
जिस
में
सिकंदर
रो
पड़े
बस
दिलों
पर
कब
किसी
का
चल
सका
है
इश्क़
में
फिर
से
डायल
कर
के
हम
वो
एक
नंबर
रो
पड़े
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Prashant Sharma Daraz
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तुम्हारे
ख़त
में
नया
इक
सलाम
किसका
था
न
था
रक़ीब
तो
आख़िर
वो
नाम
किसका
था
Dagh Dehlvi
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लोगों
की
नज़रों
में
बहता
नीर
है
बस
सिर्फ़
आँखें
जानती
हैं
अश्कों
का
दुख
Sandeep dabral 'sendy'
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मानना
उन्हीं
को
बस
अपना,
रुख़्सती
के
दिन
सब
सेे
पहले
याँ
जो
भी
काँधे
चार
निकलेंगे
Sandeep dabral 'sendy'
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वा'दे
करके
जो
छोड़
चले
आधे
रस्ते
में
उनके
पीछे
नंगे
पा
दौड़
नहीं
सकते
हम
Sandeep dabral 'sendy'
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मिटा
देगी
ये
लौ
अब
हस्ती
उसकी
भाँप
जाता
है
अँधेरा
नाम
सुनकर
यूँँ
ही
थर-थर
काँप
जाता
है
Sandeep dabral 'sendy'
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लूट
ली
मुस्कान
उसकी
मुफ़लिसी
ने
सस्ते
में
अब
किताबों
की
जगह
कुछ
बोलते
हैं
बस्ते
में
Sandeep dabral 'sendy'
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