ashk yaa tumhaare tab zaar-zaar niklengay | अश्क याँ तुम्हारे तब ज़ार-ज़ार निकलेंगे

  - Sandeep dabral 'sendy'
अश्कयाँतुम्हारेतबज़ार-ज़ारनिकलेंगे
छोड़करमुसीबतमेंजबयेयारनिकलेंगे
थोड़ाआज़माकेतुमदेखलेनायारोंको
ग़ममेंएकदो,सुखमेंयाँहज़ारनिकलेंगे
इसभरममेंथोड़ासाभीकभीरहनातुम
सारेगुलबगीचेकेयादगारनिकलेंगे
करकेभीयहाँरत्तीभरकरसकोगेकुछ
पूजेदेवताहीजबदाग़दारनिकलेंगे
माननाउन्हींकोबसअपनारुख़्सतीकेदिन
सबसेेपहलेयाँजोभीकाँधेचारनिकलेंगे
  - Sandeep dabral 'sendy'
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy