तुझको डाँटूँ या तुझे प्यार करूँँ मैं पहले

  - SALIM RAZA REWA
तुझकोडाँटूँयातुझेप्यारकरूँँमैंपहले
कौनसेजज़्बेकाइज़हारकरूँँमैंपहले
हरग़लतकामकीतर्ग़ीबदिलाऊँतुझको
यानीख़ुदकोहीगुनहगारकरूँँमैंपहले
ज़ख़्मसिलनेमेंकईज़ख़्मदिएटाँकोंने
कौनसेदर्दकाइज़हारकरूँँमैंपहले
चोटखायाहैमेरेजिस्मकाहरइकहिस्सा
कौनसेहिस्सेकाउपचारकरूँँमैंपहले
चेहराहोउनकाहमेशाहीनिगाहोंकेक़रीब
आँखजबभीखुलेदीदारकरूँँमैंपहले
उसकीख़ामोशनिगाहोंनेजोबातेंकीहैं
दिलयेकहताहैवोइज़हारकरूँँमैंपहले
फिरतोमुमकिनहीनहींहैकोईझगड़ाप्यारे
तूअगरचाहताहैवारकरूँँमैंपहले
मेरामहबूबहीतकलीफ़कासामाँहै'रज़ा'
उसकोसमझाऊँयातकरारकरूँँमैंपहले
  - SALIM RAZA REWA
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy