अपनेहरग़मकोवोअश्कोंमेंपिरोलेतीहै
बेटीमुफ़लिसकीखुलेघरमेंभीसोलेतीहै
तबमुझेदर्दकाएहसासबहुतहोताहै
जबमेरीलख़्त-ए-जिगरआँखभिगोलेतीहै
मैंअकेलानहींरोताहूँशब-ए-हिज्राँमें
मेरीतन्हाईमेरेसाथमेंरोलेतीहै
अपनेदुखदर्दकोमैलानहींहोनेदेती
अपनीआँखोंसेवोहरदर्दकोधोलेतीहै
जबभीख़ुशहोकेनिकलताहूँ‘रज़ा’मैंघरसे
मेरीमायूसीमेरेसाथमेंहोलेतीहै