meri aankhoñ men hua jab se thik | मेरी आँखों में हुआ जब से ठिकाना तेरा 


  - SALIM RAZA REWA
मेरीआँखोंमेंहुआजबसेठिकानातेरा
लोगकहतेहैंसर-ए-आमदिवानातेरा
रोज़मिलनेकीतसल्लीदियाकरमुझको
जानलेलेगाकिसीरोज़बहानातेरा
छीनलेगायेमेराहोशयक़ीननइकदिन
यूँँख़यालोंमेंशब-ओ-रोज़काआनातेरा
होशवालोंकोकहींफिरबनादेपागल
महफिल-ए-हुस्नमेंबन-ठनकेयूँँआनातेरा
भूलपानाबड़ामुश्किलहैवोदिलकशमंज़र
मुस्कुराकरलब-ए-नाज़ुककोदबानातेरा
  - SALIM RAZA REWA
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