bin tere raat guzar jaa.e badi mushkil hai | बिन तेरे रात गुज़र जाए बड़ी मुश्किल है

  - SALIM RAZA REWA
बिनतेरेरातगुज़रजाएबड़ीमुश्किलहै
औरफिरयादभीआएबड़ीमुश्किलहै
खोलकरबैठेहैंछतपरवोहसींज़ुल्फ़ोंको
ऐसेमेंधूपनिकलआएबड़ीमुश्किलहै
मेरेमहबूबकाहोज़िक्रअगरमहफ़िलमें
औरफिरआँखभरआएबड़ीमुश्किलहै
वोहसींवक़्तजोमिलकरकेगुज़ाराथाकभी
फिरवहीलौटकेजाएबड़ीमुश्किलहै
वोसदाक़तवोसख़ावतवोमोहब्बतलेकर
फिरकोईआपसाजाएबड़ीमुश्किलहै
  - SALIM RAZA REWA
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