एकपलऔरजीनेकीचाहतनहीं
अबकिसीसेभीकोईशिकायतनहीं
ज़िंदगीतूबताक्याख़ताहैमिरी
क्यूँमुझेएकपलकीभीराहतनहीं
ऐख़ुदातूनेमुझकोबनायाहीक्यूँ
इसजहाँकोमिरीजबज़रूरतनहीं
मैंखड़ाहूँज़मीरोंकेबाज़ारमें
आदमीकीयहाँकोईक़ीमतनहीं
कौड़ियोंमेंहुनरबेचआयाहूँमैं
सिर्फ़फ़नज़िंदगीकीज़रूरतनहीं
खु़दकीनज़रोंमेंइतनागिराहूँकिअब
ख़ुदसेनज़रेंमिलानेकीहिम्मतनहीं
उम्रभरकीथकनकायेअंजामहै
इकक़दमऔरचलनेकीताक़तनहीं