इतनेभीग़मनहींथेदिल-ए-दाग़दारमें
जितनेलगादिएहैंमुझेएकबारमें
ना-चीज़कोज़रासीतवज्जोहतोदीजिए
ग़ज़लेंकभीकभीतोलिखीहैंबुखारमें
झूठीख़बरथीमौतकीपरकामकरगई
छपवारहेहैंअपनेसभीइश्तिहारमें
दाढ़ीसफ़ेदबालबड़ेआँखलालहै
क्याहालहोगयाहैतिरेइंतिज़ारमें
आनेकोलौटनेकावोअबमननहींरहा
तुझ
मेंभीदमरहानतिरीइसपुकारमें
किसबातकीसफ़ाईमुझेदेरहीहोतुम
कहदोनहींथेकलकिसीकेसाथकारमें