hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
RAJAT AWASTHI
teraa naam jab likh diya ret par
teraa naam jab likh diya ret par | तेरा नाम जब लिख दिया रेत पर
- RAJAT AWASTHI
तेरा
नाम
जब
लिख
दिया
रेत
पर
समुंदर
ने
फिर
कोई
हरकत
न
की
- RAJAT AWASTHI
Download Sher Image
देख
ज़िंदाँ
से
परे
रंग-ए-चमन
जोश-ए-बहार
रक़्स
करना
है
तो
फिर
पाँव
की
ज़ंजीर
न
देख
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
22 Likes
वक़्त
किस
तेज़ी
से
गुज़रा
रोज़-मर्रा
में
'मुनीर'
आज
कल
होता
गया
और
दिन
हवा
होते
गए
Muneer Niyazi
Send
Download Image
21 Likes
साथ
चलते
जा
रहे
हैं
पास
आ
सकते
नहीं
इक
नदी
के
दो
किनारों
को
मिला
सकते
नहीं
उसकी
भी
मजबूरियाँ
हैं
मेरी
भी
मजबूरियाँ
रोज़
मिलते
हैं
मगर
घर
में
बता
सकते
नहीं
Read Full
Bashir Badr
Send
Download Image
83 Likes
दोस्त
अपना
हक़
अदा
करने
लगे
बेवफ़ाई
हमनवा
करने
लगे
मेरे
घर
से
एक
चिंगारी
उठी
पेड़
पत्ते
सब
हवा
करने
लगे
Read Full
Santosh S Singh
Send
Download Image
34 Likes
सर्द
रात
है
हवा
भी
सोच
मत
पहन
मुझे
सुब्ह
देख
लेंगे
किस
कलर
की
शाल
लेनी
है
Neeraj Neer
Send
Download Image
36 Likes
"उसके
हाथ
में
फूल
है"
मत
कहिए,
कहिए
उसका
हाथ
है
फूल
को
फूल
बनाने
में
Charagh Sharma
Send
Download Image
72 Likes
गुलशन
से
कोई
फूल
मुयस्सर
न
जब
हुआ
तितली
ने
राखी
बाँध
दी
काँटे
की
नोक
पर
Unknown
Send
Download Image
41 Likes
नहीं
आबो
हवा
में
ताज़गी
अब
दवा
की
सीसियों
में
ज़िन्दगी
है
Umesh Maurya
Send
Download Image
3 Likes
प्यार
की
जोत
से
घर
घर
है
चराग़ाँ
वर्ना
एक
भी
शम्अ
न
रौशन
हो
हवा
के
डर
से
Shakeb Jalali
Send
Download Image
22 Likes
बहरस
ख़ारिज
हूँ
ये
मालूम
है
पर
तुम्हारी
ही
ग़ज़ल
का
शे'र
हूँ
Gyan Prakash Akul
Send
Download Image
42 Likes
Read More
शिकायत
मुझे
थी
इसी
बात
से
कि
तू
ने
कभी
भी
शिकायत
न
की
यहाँ
मैं
ही
तो
था
रियासत
तेरी
तूने
हम
पे
भी
तो
हुकूमत
न
की
Read Full
RAJAT AWASTHI
Send
Download Image
4 Likes
हर
सुब्ह
उठ
के
इसको
मैं
हूँ
चूमता
चाय
है
जैसे
ये
कोई
सौतन
तेरी
RAJAT AWASTHI
Send
Download Image
5 Likes
इस
क़दर
सादगी
सूरत
पे
बसी
है
उसकी
उसका
आईना
भी
उस
सेे
ही
ख़फ़ा
लगता
है
RAJAT AWASTHI
Send
Download Image
6 Likes
शाख
से
इक
फूल
ख़ुद
हाथों
में
मेरे
आ
गिरा
जब
कहा
उस
सेे
सजाऊँँगा
तुझे
उन
बालों
में
RAJAT AWASTHI
Send
Download Image
2 Likes
तेरे
ख़त
हम
छिपाते
भी
तो
कैसे
कि
ग़लती
इस
में
तो
मेरी
नहीं
थी
अलग
कमरा
मिला
था
हमको
लेकिन
अलग
पर
कोई
अलमारी
नहीं
थी
Read Full
RAJAT AWASTHI
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Attitude Shayari
Tasweer Shayari
Waqt Shayari
Aadmi Shayari
Aasman Shayari